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J&K: पीएम मोदी के J&K को राज्य का दर्जा, विधानसभा चुनाव की बात पर नेताओं की प्रतिक्रिया, जाने किसने क्या कहा?

Fri, 21 Jun 2024 05:01 AM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू-कश्मीर में जल्द ही विधानसभा चुनाव, भविष्य में राज्य का दर्जा बहाल करने की योजना पर कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं हैं।
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अल्ताफ बुखारी - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विधानसभा चुनाव कराने और राज्य का दर्जा वापस देने वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी गई। गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) और अपनी पार्टी ने इस घोषणा का स्वागत किया। जबकि मुख्य क्षेत्रीय ताकतों - नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने सतर्कतापूर्वक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में जल्द ही विधानसभा चुनाव होंगे और निकट भविष्य में केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा बहाल करने की योजना पर काम चल रहा है। लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद घाटी के अपने पहले दौरे में मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को विधानसभा के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने में सक्षम बनाने के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी ने एसकेआईसीसी में 'युवाओं को सशक्त बनाना, जम्मू-कश्मीर को बदलना' विषय पर एक सभा आयोजित की। इस सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोकसभा चुनावों में लोगों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की, साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों के माध्यम से अपने स्थानीय नेताओं को चुनने की आवश्यकता जताई।

उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों ने बड़ी संख्या में लोकसभा चुनावों में भाग लिया और पिछले 35 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनें। इसके लिए विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।" इसके अलावा, मोदी ने लोगों को आश्वस्त किया कि वह दिन निकट आ रहा है जब जम्मू-कश्मीर अपना राज्य का दर्जा पुनः प्राप्त करेगा।
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कांग्रेस ने इस घोषणा को अस्पष्ट बताया। डीपीएपी के मुख्य प्रवक्ता सलमान निजामी ने एक बयान में कहा, "हम जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने और राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रधानमंत्री मोदी के फैसले का स्वागत करते हैं।" उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में लोगों की भागीदारी से संकेत मिलता है कि लोग "परिवर्तन के लिए उत्सुक हैं। एक निर्वाचित सरकार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं"। उन्होंने यह भी कहा कि "यह लोगों की लंबे समय से इच्छा और मांग रही है। सरकार को नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए शांति और चुनावों का सुचारू संचालन भी सुनिश्चित करना चाहिए।" 

वहीं अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने कहा कि यह घोषणा बेहद महत्वपूर्ण है। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि "लोग जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और अपने प्रतिनिधियों को चुनने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार के वादे के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पीएम की घोषणा ने उम्मीद और खुशी की लहर ला दी है।" 

एनसी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को विधानसभा चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा का पालन करना चाहिए। तनवीर सादिक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "चुनाव आयोग को चुनावों के लिए सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा का पालन करना चाहिए। जबकि सरकार की एकमात्र जिम्मेदारी शांतिपूर्ण चुनावी माहौल सुनिश्चित करना है।" पिछले साल दिसंबर में, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के 5 अगस्त, 2019 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस साल 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने का निर्देश दिया था। 

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रधानमंत्री मोदी के आश्वासन पर, एनसी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के लोग पिछले चार सालों से यह सुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, "राज्य के दर्जे के बारे में, हमने चार साल में 20 से अधिक बार सुना है कि इसे 'जल्द' बहाल किया जाएगा। स्पॉइलर: 'जल्द' अभी भी दूर-दूर तक नहीं है।" 

पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग पिछले कुछ सालों से विधानसभा चुनाव और राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में सुन रहे हैं। वे तभी इस पर विश्वास करेंगे, जब ऐसा होगा। उन्होंने कहा, "हम पिछले पांच सालों से यह सुन रहे हैं। जब ऐसा होगा, तभी हम इस पर विश्वास करेंगे। वे चुनाव और राज्य के दर्जे के बारे में इस तरह बात करते हैं, जैसे वे हमारे लोकतांत्रिक अधिकार देकर हम पर कोई एहसान कर रहे हों।"

वहीं जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री राज्य का दर्जा बहाल करने और विधानसभा चुनाव कराने की समयसीमा के बारे में "हमेशा की तरह अस्पष्ट" रहे। एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राज्य का दर्जा बहाल करने, विधानसभा चुनाव, बिगड़ती सुरक्षा स्थिति, बेरोजगारी, जमीन पर निवेश की कमी और पिछली बार उद्घाटन की गई अधूरी परियोजनाओं के बारे में प्रधानमंत्री हमेशा की तरह अस्पष्ट रहे।" 
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