इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रदेश अध्यक्ष पनाक्कड़ सैयद सादिक अली शिहाब थंगल अपने हालिया बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि नया मंदिर और प्रस्तावित मस्जिद दोनों ही देश की धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करेंगे।
आईयूएमएल केरल में विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का प्रमुख सहयोगी दल है। यह मुस्लिम समुदाय के बीच एक ताकतवर सियासी दल है। थंगल ने मंजेरी में 24 जनवरी को एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया था। लेकिन, इसका वीडियो आज वायरल हुआ है।
वहीं, इंडियन नेशनल लीग (आईएनएल) ने आईयूएमएल नेता के बयान की आलोचना की। आईएनएल केरल में सत्तारूढ़ माकपा नीत एलडीएफ सरकार की गठबंधन सहयोगी है। जबकि, कांग्रेस पार्टी और आईयूएमएल ने थंगल का बचाव किया और कहा कि वह किसी भी नफरती अभियान और समाज को बांटने के प्रयास को रोकने की कोशिश कर रहे थे।
थंगल ने मंजेरी में एक कार्यक्रम में यह भी कहा था कि राम मंदिर एक हकीकत है, जिसकी देश में बहुसंख्यक जनता के द्वारा पूरा की जाती है। उन्होंने कहा, "हम इससे पीछे नहीं हट सकते। हमें इसका विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है। अदालत के आदेश के आधार पर मंदिर बनाया गया और बाबरी मस्जिद का निर्माण होने वाला है। ये दोनों अब भारत का हिस्सा हैं। राम मंदिर और प्रस्तावित बाबरी मस्जिद हमारे देश की धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करते हैं।" उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि इसे (बाबरी मस्जिद) कार सेवकों ने ढहा दिया था। हमने उस समय इसका विरोध किया था।"
वहीं, आईएनएल के नेता एनके अब्दुल अजीज ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि वह इस बात को भली-भांती जानते हैं कि महात्मा गांधी का रामराज्य, आरएसएस के रामराज्य से अलग है। एक आस्तिक का आध्यात्मिक हिंदू धर्म, आरएसएस के राजनीतिक हिंदुत्व से अलग है और राजनेता इस इस तथ्य को जानते हैं। फिर भी वे इससे लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। यह भरोसा करना मुश्किल है कि आईयूएमएल के आम पार्टी कार्यकर्ता इस स्थिति को स्वीकार करेंगे।
इस बीच, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता कुन्हालीकुट्टी थंगल के समर्थन में आए। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है। कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि भाजपा अयोध्या मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है और थंगल लोगों को उस जाल में न फंसने की चेतावनी दे रहे हैं। लेकिन, इसका गलत मतलब निकाला गया है। वहीं, सतीशन ने कहा कि इस बात को समझना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। जब कई लोग पानी में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं, तो थंगल इसे बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। वह नफरत और बंटवारे के अभियान खिलाफ बात कर रहे थे।