ये सभी डॉक्टर कोविड-19 कर्तव्यों का निर्वहन करने और इस विशाल कोविड केंद्र का अनुभव प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षण पूरी करने के लिए अकादमी लौट आए थे। इस अनुकरणीय सेवा के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही महानिदेशक के प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। ट्रेनिंग के दौरान इन अधिकारियों को टैक्टिक्स, वेपन हैंडलिंग, फिजिकल ट्रेनिंग, इंटेलिजेंस, फील्ड इंजीनियरिंग, मैप रीडिंग, एडमिनिस्ट्रेशन, लॉ और ह्यूमन राइट्स जैसे विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित किया गया है। ये चिकित्सा अधिकारियों के रूप में अपने कर्तव्यों के साथ आईटीबीपी के कार्यों के अनुरूप प्रशिक्षित हुए हैं। दूसरे अधिकारियों की तरह उन्हें ट्रेंड किया गया है।
आईटीबीपी के महानिदेशक संजय अरोड़ा ने परेड की सलामी ली और युवा अधिकारियों को आईटीबीपी के गौरवशाली इतिहास और बल के अनुशासन के उच्च मानकों के बारे में याद दिलाया। अरोड़ा ने कहा, आईटीबीपी को 18,800 फीट तक की ऊंचाईयों पर सीमा चौकियों पर अत्यंत कठोर इलाकों में तैनात किया जाता है। वहां तापमान माइनस 45 डिग्री तक गिर जाता है। हिमालय में ऊंचाई वाली सीमाओं की रक्षा के अलावा, बल आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन आदि में तैनात है। एसी/एमओ डॉ विशाल चौधरी को बैच के बेस्ट इन इंडोर, बेस्ट इन आउटडोर और ओवरऑल बेस्ट ट्रेनी की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।