भारत-चीन बॉर्डर की हिफाजत करने वाले केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'आईटीबीपी' के एक डिप्टी कमांडेंट ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया है। उनकी बॉडी अधिकारी मैस में छत के पंखे से लटकी हुई मिली है। चंडीगढ़ स्थित आईटीबीपी टीएचक्यू 51 वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट आयुष दीपक को बिहार में चुनावी ड्यूटी पर जाना था। उनके पास से दो सुसाइड नोट मिले हैं। इनमें आयुष ने अपने सुसाइड के लिए बिहार पुलिस के एक एसएचओ को जिम्मेदार ठहराया है।
डिप्टी कमांडेंट आयुष, एक अक्तूबर को चंडीगढ़ की 51वीं बटालियन से बीएचक्यू पटियाला आए थे। उन्हें बिहार में चुनावी ड्यूटी के लिए जाना था। वे पटियाला के अधिकारी मैस में ठहरे हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, तीन अक्तूबर को 12 बजे अधिकारी मैस में डिप्टी कमांडेंट की पत्नी का कॉल आया था। उसमें बताया गया कि आयुष, फोन नहीं उठा रहे हैं। उन्हें चिंता हो रही है। इसके बाद मैस कमांडर ने कहा, वे रूम में जाकर देखते हैं।
मैस कमांडर जब रूम पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक अंदर से कोई आवाज नहीं आई और न ही कमरे का दरवाजा खुला। मैस कमांडर ने खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर देखने का प्रयास किया। उन्होंने पाया कि डिप्टी कमांडेंट की बॉडी, पंखे से लटक रही है। मैस कमांडर ने यह सूचना अपने उच्च अधिकारियों को दी। उसके बाद लोकल पुलिस को बुलाया गया। जांच के लिए अधिकारी की बॉडी, पटियाला के राजेंद्र अस्पताल में भेजी गई है। आईटीबीपी कार्मिकों ने डिप्टी कमांडेंट के परिवार को सूचित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल से दो सुसाइड नोट बरामद किए गए हैं। इनमें से एक नोट अंग्रेजी में लिखा था, जबकि दूसरा नोट हिंदी में लिखा गया था। सुसाइड नोट में डिप्टी कमांडेंट ने बिहार पुलिस के एक एसएचओ राजीव रंजन को जिम्मेदार ठहराया है। आईटीबीपी के मुताबिक, पहले वह एसएचओ लाल माता मटिया पुलिस स्टेशन पीओ नाथनगर, भागलपुर में तैनात रहा है। फिलहाल उसकी पोस्टिंग पीएस विक्रमशिला, भागलपुर 'बिहार' में बताई गई है। आयुष ने 2009 में आईटीबीपी ज्वाइन की थी। वे मूलत: बिहार कबीरपुर रोड, नाथनगर, भागलपुर के रहने वाले थे। आईटीबीपी ने कोर्ट आफ इंन्क्वायरी के आदेश जारी किए हैं।