इटली ने भारतीय बाजार को अपने लिए बेहद अहम करार दिया है। साथ ही दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार में आयात शुल्क आदि व्यापारिक बाधाओं में छूट दिए जाने की मांग की है। इटली के ट्रेड कमिश्नर फ्रांसिस्को पेनसाबेन ने शुक्रवार को यहां स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रम चलाने के लिए सरकार की तारीफ की। साथ ही कहा कि इससे विदेशी कंपनियों के लिए ज्यादा खुला, विस्तारित, दिलचस्प और लाभदायक माहौल तैयार हुआ है।
उन्होंने यहां इंडियन इंटरनेशनल लेदर फेयर के 34वें संस्करण के उद्घाटन से इतर कहा, इटली यूरोपियन संघ से जुड़े देशों में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। उन्होंने इटली की कंपनियों को व्यापारिक बाधाओं में छूट देकर भारतीय बाजार में आसान प्रवेश की उम्मीद की और कहा, हर कोई जानता है कि यहां कुछ क्षेत्रों में भारी शुल्क और टैरिफ हैं, जो इटली की कंपनियों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं।
उन्होंने कहा, जनवरी से अक्तूबर 2018 के बीच 10 महीने में दोनों देशों के बीच व्यापार में 12 से 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो एक सकारात्मक ट्रेंड है। हमारी भारतीय बाजार में दिलचस्पी है और शुल्क का निमभन स्तर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
बता दें कि दोनों देशों के बीच 2017 में 8.7 अरब यूरो का व्यापार विनिमय हुआ था, जिसमें इटली से भारत को किए गए निर्यात की हिस्सेदारी महज 3.7 अरब यूरो की थी। शेष हिस्सा भारत से इटली को किए गए निर्यात का था। वर्तमान में भारतीय धरती पर 400 से ज्यादा इटेलियन कंपनियां मौजूद हैं और विभिन्न संयुक्त उपक्रमों को भी जोड़ लें तो इनकी संख्या 600 से ज्यादा हो जाती है।