कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने मोदी सरकार के अंतरित बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने फुल बजट पेश किया है जो गलत है। ये वोट ऑन एकाउंट नहीं बल्कि एकाउंट फॉर वोट्स है। सरकार के 90 दिन शेष हैं और अंतरिम बजट में ऐसी घोषणा की गई। सरकार पांच साल तक अपने पांच बजट में क्या कर रही थी। आयकर लिमिट पांच सालों तक क्यों नहीं बढ़ाई गई।
चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार को सत्ता में लौटने की उम्मीद नहीं दिख रही थी लिहाजा खतरनाक तरीके और लापरवाही से संविधान के उल्लघंन का काम किया है। हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार किया लोकलुभावने घोषणाओं से जनता के भाजपा केपक्ष में जा सकती है। किसानों को साल में छह हजार रुपए देने की घोषणा पर चिदंबरम ने चुटकी लेते हुए कहा कि एक किसान परिवार को एक दिन में 17 रुपए मिलेंगे। परिवार के पांच सदस्यों में 3.33 पैसे आएंगे जिसमें आधा-आधा कप चाय तो आ जाएगी। उन्होंने कहा अंतरिम वित्त मंत्री ने मोदी सरकार का सबसे लंबा अंतरिम बजट भाषण दिया। ये फुल बजट और चुनावी प्रचार का भाषण था।
उन्होंने कहा कि शहरी गरीबों के लिए कोई योजना नहीं है। शिक्षा और रोजगार को लेकर सरकार ने बच्चों और युवाओं से धोखा किया है। युवाओं को पकौड़ानॉमिक्स बता रही है और एनएसएसओ के आंकड़े बताते हैं कि रोजगार को लेकर क्या नीति है। एक सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से न्यूनतम आय गारंटी योजना की बराबरी इस बजट घोषणाओं से नहीं की जा सकती है। कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में शहरी और ग्रामीण सभी गरीबों की पर्याप्त राशि तय करने जा रही है।
चिदंबरम का कहना है कि उन्होंने 15 लाख खाते में पहुंचने और ब्लैकमनी लाने को लेकर वादे किए थे लेकिन हर समय और हर व्यक्ति मूर्ख नहीं बनेगा, ये छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव में साबित हुआ है। संविधान का उल्लघंन कर पांच सालों इन्होंने छठा बजट पेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में दस करोड़ वर्कर्स हैं। जिन्हें 36 हजार करोड़ रुपए सालाना पेंशन का आश्वासन दिया है जबकि आवंटित राशि मात्र 500 करोड़ है जो असंगठित क्षेत्र के लोगों के साथ बहुत बड़ा जुमला और क्रूर मजाक है। रक्षा बजट को लेकर सरकार पीठ थपथपा रही है लेकिन बजट में बढ़ोत्तरी मात्र 15 हजार करोड़ रुपए है। सरकार घोषणाएं तो करती है लेकिन पैसा कहा से आएगा। ऐसे में क्या चुनावी वर्ष में ब्याज पर रकम लेकर आप नई योजनाओं को चलाएंगे।
किसानों पर 26 हजार का बोझ और छह हजार वापस कर दिए: सुरजेवाला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चार एकड़ जमीन वाले किसानों को दी जाने वाली छह हजार रुपए सालाना की राशि पर सवाल उठाए। ये सरकार किसानों से कृषि यंत्रों, ट्रैक्टर, कीटनाशक दवाओं पर जीएसटी ले रही है। सरकार से किसानों से वादा तो कर रही है लेकिन 2014 से आज तक डीजल की कीमतें बढ़ाई, खाद की कीमतें, यूरिया,पोटाश अलावा बीज की कीमतें भी बढ़ाई हैं। बीज पर 5प्रतिशत, ट्रैक्टर पर 12 प्रतिशत, कीटनाशक दवाई पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाकर किसान से 6 हजार रुपए के करीब प्रति एकड़ यानि 24 हजार रुपए का बोझ डाला है। 24 हजार रुपए में से छह हजार वापस कर देंगे तो भी किसानों को 18 हजार रुपए देने पड़ेंगे। सरकार ने किसानों से संबंधित सामानों पर जीएसटी नहीं घटाई है।