फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इटली: देशव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट, हजारों जवान तैनात; एमईए ने जारी की एडवाइजरी

Sat, 24 Oct 2026 02:18 PM IST
अमन मौर्या एएनआई, रोम, इटली

सार

बढ़ती महंगाई समेत अन्य मुद्दों को लेकर इटली में होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने रोम और मिलान सहित कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी है। इस बीच, भारत ने इटली, फ्रांस और बेल्जियम में रह रहे नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विज्ञापन
इटली में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बढ़ती महंगाई, ऊर्जा समेत कई मुद्दों को लेकर 24 अक्तूबर को होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, प्रशासन ने इटली के प्रमुख शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके लिए हजारों पुलिस अधिकारियों और सैनिकों को तैनात किया गया है, साथ ही ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इटली के प्रमुख शहर रोम में लगभग 1,500 अधिकारियों को तैनात किया जाएगा, जबकि मिलान में प्रदर्शनों को संभालने और 17 व 18 अक्तूबर को हुई हिंसक घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए लगभग 1,800 पुलिसकर्मियों, नगर निगम अधिकारियों और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी है। बता दें कि इटली के कई बड़े शहरों में विरोध प्रदर्शनों की योजना है, जिनमें मिलान, बोलोग्ना, जेनोआ, ट्यूरिन, रोम और फ्लोरेंस शामिल हैं। यूरोन्यूज के मुताबिक, पूरे देश में मार्च, धरना, सभा और हड़ताल सहित 30 से अधिक प्रदर्शन कार्यक्रम तय किए गए हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'या तो समझौता करो या हमले के लिए तैयार रहो': क्या ईरान पर फिर हमले की तैयारी कर रहे ट्रंप? रिपोर्ट में दावा

रोम ने क्या तैयार की?
रोम में, पुलिस ने अनुमति प्राप्त प्रदर्शनों और ऑनलाइन घोषित की गई अचानक होने वाली रैलियों, दोनों को संभालने के लिए एक सुरक्षा योजना तैयार की है। निगरानी के लिए स्टेट पुलिस के 'फर्स्ट फ्लाइट डिपार्टमेंट' के ड्रोन और काराबिनियरी (इटैलियन पुलिस बल) के विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, सार्वजनिक चौकों से लेकर रेलवे स्टेशनों तक सुरक्षा जांच की जाएगी। इसके अलावा अधिकारी ऑनलाइन गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। यूरोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रोम का साइबर सुरक्षा केंद्र, इटैलियन स्टेट पुलिस के विशेष डिवीजन 'डिगोस' के साथ मिलकर काम कर रहा है। वे टेलीग्राम, टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होने वाली पोस्ट और गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
विज्ञापन


भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस स्थिति को देखते हुए, भारत ने इटली, फ्रांस और बेल्जियम में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने, पूरी सावधानी बरतने और उन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है जहां प्रदर्शन हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि इन तीनों देशों में मौजूद भारतीय मिशन वहां के हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और भारतीय समुदाय के लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

जॉर्जिया मेलोनी ने की हिंसा की निंदा
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की निंदा की है और कानून लागू करने वाली एजेंसियों (पुलिस और सुरक्षा बलों) के प्रति अपना समर्थन जताया है। 18 अक्तूबर को 'एक्स' पर एक पोस्ट में, मेलोनी ने कहा कि सुरक्षा बलों को ऐसे लोगों की हिंसा का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनके अनुसार, प्रदर्शनों का फायदा उठाकर और संगठित समूहों के जरिए टकराव भड़काने और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'ईरान के बाद क्यूबा को देखेंगे': ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत, क्या एक और देश पर कब्जे की रणनीति बना रहा अमेरिका?

मिलान, ट्यूरिन और बोलोग्ना में हुई अशांति का जिक्र करते हुए, मेलोनी ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया गया, ऐसे लोगों को पकड़ा गया जिनके पास पत्थर के टुकड़े और शीशा तोड़ने वाले औजार थे। उन्होंने कहा, 'प्रदर्शन करना एक अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों में आग लगाना नहीं।' उन्होंने विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के इन हिंसक घटनाओं की निंदा करें और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील करें। उन्होंने कहा कि 'इस हिंसा को पूरी तरह से नकारा जाना चाहिए, चुप रहना स्वीकार्य नहीं है।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें