हाल-फिलहाल में तीन महीने में तीन बड़ी रेल दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं के बाद रेलवे महकमा नींद से जागा है। इन दुर्घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए रेलवे मंत्रालय ने इटैलियन रेलवे से एक ऐसा समझौता किया है। जिसके तहत रेलवे की सुरक्षा के स्तर में सुधार के साथ भारतीय रोजगार में वृद्धि साथ इसके जरिये रेलवे अपने इंफ्रास्ट्रचर और यातायात प्रबंधन को गति दे सकेगा।
रेलवे को मिलेगी नई ऊंचाई
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भारतीय रेल मंत्रालय और इटैलियन रेलवे ( फेरोवी डेल्लो स्टॉटो इटैलियंस) के इस समझौते के जरिये पूर्व यात्री सुरक्षा उपायों की निगरानी के अलावा भारतीय रेल के सुरक्षा ऑडिट पर रेल मंत्रालय ने हस्ताक्षर किये हैं। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे परिचालन के स्तर में सुधार लाने के लिए यह फैसला लिया है। प्रभु ने रेलवे बोर्ड को शीर्ष पर पहुंचाने के लिए इस संदर्भ में अतंररार्ष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से रेलवे विभाग को एक नई पहचान दिलाने के इरादे से यह कदम उठाया है।
इटैलियन रेलवे कंपनी भारत में छह प्रोजेक्ट पर कर रही काम
एक अन्य समझौता इटैलफेर,एफ एस इटैलियंस की इंजीनियरिग कंपनी और आरआईटीईएस भारतीय रेलवे की इंजीनियरिग कंपनी के बीच हुआ है। इटैलियन बेहेमोथ,इटॉलफेर, एफ एस इटैलियन रेलवे की रजिस्टर कंपनी के मुताबिक वह भारत में छह प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
एक बहुत महत्वपूर्ण डिजाइन और निर्माण कार्य में सुपरवाइजर अंजी खाड ब्रिड्ज एक 750 मीटर लंबे ब्रिड्ज के केंद्रीय फैलाव के साथ 260 मीटर तथा जॉर्ज, कत्रा और रेसई के बीच 200 मीटर काम रोक दिया गया है।
धूमिल मौसम में भी दौड़ेगी ट्रेन
एफ एस इटैलियंस ने एक विशिष्ट सॉफ्टवेयर को भारतीय रेलवे में शामिल किया गया है। जिसकी मदद से धूमिल स्थिति में ट्रेन को टकराव की समस्या से बचाया जा सकेगा।