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पूरे देश में पैनिक बटन लागू करेगा आईटी मंत्रालय, 2018 के अंत तक लागू करने पर काम करेगा सी-डैक

Mon, 16 Apr 2018 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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panic button
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महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र सरकार समूचे देश में इस साल के अंत तक मोबाइल फोन, बसों और टैक्सी समेत अन्य वाहनों में पैनिक बटन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इसका ट्रायल किया गया है। इसमें अकेले नोएडा में 100 से भी ज्यादा जगहों पर पैनिक बटन का प्रयोग सफल रहा है।
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इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आईटी) के सचिव अजय साहनी ने ट्रायल की सफलता के बाद सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कप्यूटिंग (सी-डेक) को राष्ट्रीय स्तर पर पैनिक बटन को लागू करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया है।

सी-डैक को साल 2018 के अंत तक पैनिक बटन व्यवस्था को नए-पुराने मोबाइल, बसों, टैक्सी और व्यवसायिक वाहनों में लागू करने को कहा गया है। इसके अलावा प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन जैसे एक स्थान पर रखे जाने वाले उपकरणों में पैनिक बटन पर काम करने को कहा है। 
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मंत्रालय के अनुसार, एनसीआर में ट्रायल के दौरान बटन के प्रयोग में आने वाले खामियों को भी दूर कर लिया गया। आईटी मंत्रालय राज्यों को ट्रायल की सफलता के बारे की सूचना के साथ एक प्रस्ताव भेजने जा रहा है।

गृह सचिव को ट्रायल की सफलता की जानकारी दी गई है। इसमें स्पष्ट है कि पैनिक बटन के साथ छेड़छाड़ करना आसान नहीं है, लेकिन जानबूझकर इसे खराब करने का प्रयास करने वालों के लिए कानूनी रास्ता अख्तियार करना होगा। आईटी मंत्रालय इस संबंध में दिशानिर्देश तैयार करने के लिए गृह मंत्रालय से सिफारिश करेगा। 
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यूपी, हरियाणा समेत कई राज्य पहले से तैयार

पैनिक बटन
यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा समेत अन्य सरकारें पहले से इसे लागू करने को तैयार हैं। महिला सुरक्षा के मद्देनजर आईटी मंत्रालय मोबाइल कंपनियों को पहले ही हैंडसेट में अनिवार्य तौर पर पैनिक बटन की व्यवस्था करने का निर्देश दे चुका है। कई कंपनियां अब पैनिक बटन के साथ फोन ला रही हैं।

दिल्ली में निर्भया कांड के बाद कैब में सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन लगाने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन उन निर्देशों को कैब संचालकों ने लागू नहीं किया और अब सरकार इस मामले में अच्छी तकनीक के साथ सख्त रवैया अपनाने जा रही है।
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