केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आरक्षण केवल "पीड़ित, दलित, आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े" वर्ग को ही मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सोचना कि समुदाय केवल आरक्षण से ही विकास करेगा, गलत है।
गडकरी महात्मा फुले एजुकेश्नल सोसाइटी के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद माली समुदाय के नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने लिए टिकट और अधिक प्रतिनिधित्व की मांग की।
तब गडकरी ने उन्हें कहा कि आरक्षण की मांग से आगे भी देखें। उन्होंने कहा, "जब लोग अपने काम के आधार पर टिकट पाने में सफल नहीं हो पाते हैं, तब वह कास्ट कार्ड आगे लाते हैं।"
उन्होंने दावा करते हुए कहा, "ज्यॉर्ज फर्नांडिस किस जाति से संबंध रखते थे? वह किसी भी जाति से संबंध नहीं रखते थे... वह ईसाई थे। इंदिरा गांधी सत्ता में अपनी जाति की वजह से नहीं आई थीं... अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री तब बने जब अन्य जाति के समूहों ने उन्हें समर्थन दिया।" गडकरी ने कहा कि लोग उनसे यह भी कह चुके हैं कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए।
गडकरी ने कहा, "मैं आपसे कहता हूं कि वह जरूर पाएंगी। लेकिन मैं अभी उनसे पूछता हूं, क्या इंदिया गांधी को आरक्षण मिला था? उन्होंने कई सालों तक देश पर राज किया था और प्रसिद्ध हुई थीं... मैं पूछता हूं कि क्या वसुंधरा राजे और सुषमा स्वराज को भी आरक्षण मिला था?"
गडकरी ने कहा कि आरक्षण केवल पीड़ित, दलित, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को ही मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "हालांकि ये सच नहीं है जब कोई कहता है कि महज एक आरक्षण पाकर समुदाय प्रगति करने लगेगा। यह भी सच नहीं है कि जिन समुदायों को अधिकतम आरक्षण मिला है, उन्होंने इसकी वजह से प्रगति किया है।"