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बिना तलाक दिए लिव-इन में रहना अवैध, हाईकोर्ट का फैसला

Tue, 25 Feb 2020 10:25 PM IST
Trainee Trainee अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि शादीशुदा महिला या पुरुष का अपने पति या पत्नी को तलाक दिए बिना लिव-इन रिलेशन में रहना अवैध है। कोर्ट ने कहा कि बिना तलाक दिए पति या पत्नी से अलग होकर लिव-इन रिलेशन में रहने वालों को संरक्षण नहीं दिया जा सकता। 

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कोर्ट ने इस आधार पर लिव-इन रिलेशन में रह रही तीन बच्चों की मां की याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने अखिलेश व जितेंद्र की याचिका पर दिया है। याची श्रीमती अखिलेश की शादी रामपुर के धुलिका धरमपुर के जगतपाल के साथ हुई।

इनके तीन बच्चे हैं। पति-पत्नी में विवाद था। आरोप है कि पति शराब पीकर मारपीट करता है तथा परिवार का भरण पोषण नहीं करता। इससे आजिज होकर याची मुरादाबाद के जितेंद्र के साथ रहने लगी। जितेंद्र भी शादीशुदा है। श्रीमती अखिलेश ने कोर्ट को बताया कि वह जितेंद्र के साथ लिव-इन रिलेशन में है। उसे धमकाया जा रहा है।
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कोर्ट ने जब जीतेंद्र से पूछा तो उसने बताया कि उसकी मर्जी के खिलाफ परिवार वालों ने उसकी शादी की है। इस वजह से वह याची के साथ रह रहा है। कोर्ट ने कहा कि बिना तलाक दिए पति या पत्नी को छोड़कर दूसरे के साथ लिव-इन रिलेशन में रहना अवैध है। ऐसे में कोर्ट संरक्षण नहीं दे सकती।

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