राज्यसभा में एक बार फिर महिला सदस्यों ने महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरदार वकालत की। सभापति वैंकेया नायडू ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति दी और सपा सांसद जया बच्चन के नोटिस पर चर्चा हुई। इस मुद्दे का महत्वपूर्ण पहलू समाजवादी पार्टी की सांसद की ओर से इस मुद्दे पर नोटिस देना और बिल को लेकर पार्टी की पक्ष स्पष्ट करना था। जिसे लेकर सदन में टोकाटोकी और हंसी मजाक भी हुआ।
सपा सांसद जया बच्चन ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि हमें कहा जाता है कि हमारी पार्टी बिल के खिलाफ है हमारी हमारी पार्टी भी बिल की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि बिना बात ये अफवाह फैलाई गई कि हमारी पार्टी इसके विरोध में है। इस पर सभापति वैंकेया नायडू ने कहा आपने स्पष्ट किया है कि आपकी पार्टी बिल के खिलाफ नहीं है ये अच्छी बात है।
महिला आरक्षण बिल पर राज्यसभा में बोलते हुए जया बच्चन ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लाभ केवल शहरी और अमीर महिलाओं को न मिले इसके लिए दलित, पिछड़ा और अन्य वर्गों की महिलाओं को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा महिला आरक्षण बिल की बात बनावटी लगती है कहने को बहुत अच्छा लगता है लेकिन जब से मैं संसद में आई हूं सिर्फ सुन रही हूं कि बिल आ रहा है। मुझे याद है बहुत सी महिला सांसदों ने हाथ पकड़कर एक चेन भी बनाई थी। अब समय आ गया है जब दोनों सदनों में महिला सदस्यों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो। इस पर सभापति ने टिप्पणी की बहुत अच्छा राम गोपाल जी भी सुन रहे हैं। इस जया बच्चन ने कहा कि हमारी पार्टी ने दो साल पहले ही लखनऊ रैली में अपना पक्ष साफ कर दिया और राम गोपाल यादव की ओर से इशारा करते हुए बोलीं कि वे मुस्करा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि हम चाहते हैं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें। उन्होंने कहा कि हमारे नेता राजीव गांधी के चलते स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण और अधिकार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में था मैं कहती हूं इसे संसद में लाना चाहिए तभी देश विकास में आगे बढ़ेगा। राज्यसभा इस बिल को पास कर चुका है ऐसे में लोकसभा में इस पेश कर पारित करना चाहिए। सांसद कहकंशा परवीन ने सभापित का धन्यवाद दिया कि आज महिला दिवस नहीं है फिर आपने इस विषय पर महिला सांसदों को बोलने का मौका दिया।
झरना दास वैद्य ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात कहती है उसे पहले महिला आरक्षण बिल लाना चाहिए। इसके अलावा चर्चा में सांसद सोनल मानसिंह, डीएमके की कनिमोझी, एआईएडीएमके की विजिला सत्यानत और शांता क्षेत्री आदि ने बिल तल्काल लाने की मांग रखी।