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Farmers Protest: 'किसानों की मांग पूरी करें, चुनावी फायदा होगा; दिल्ली सीमा पर 'संघर्ष' पर ओवैसी ने कही यह बात

Tue, 13 Feb 2024 11:59 PM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

ओवैसी ने आगे कहा, 'यह मोदी सरकार की विफलता है। उन्हें एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की किसानों की मांग पूरी करनी चाहिए थी। दूसरी मांग स्वामीनाथन समिति के फॉर्मूले को लागू करना है।
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एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिल्ली में सीमा पर एक बार फिर किसानों ने कूच करना शुरू कर दिया है। 'दिल्ली चलो' मार्च के चलते हालात बेकाबू हो चुके हैं, इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने मंगलवार को इन परिस्थितियों को मोदी सरकार की विफलता बताया और कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों की मांगें सुननी चाहिए, ताकि आगामी चुनावों में उन्हें ही फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक अजीब माहौल बना दिया है। 

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ओवैसी ने आगे कहा, 'यह मोदी सरकार की विफलता है। उन्हें एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की किसानों की मांग पूरी करनी चाहिए थी। दूसरी मांग स्वामीनाथन समिति के फॉर्मूले को लागू करना है। सरकार समय क्यों बर्बाद कर रही है? आप उन्हें ऐसे रोक रहे हैं जैसे किसी पड़ोसी देश की सेना जबरन आ रही हो। आप मार्ग रोक रहे हैं तो उन्होंने अजीब माहौल बना दिया है। देश के प्रधानमंत्री को उनकी मांगें तुरंत माननी चाहिए। चुनाव आ रहे हैं, उन्हें फायदा मिलेगा।

इसके अलावा गोपालगंज में बिहार एआईएमआईएम के सचिव और जिला अध्यक्ष अब्दुल सलाम उर्फ असलम मुखिया की हत्या पर ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शासन में कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
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नीतीश शासन में कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं
ओवैसी आगे बोले कि नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने तोहफा दिया। गोपालगंज में हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल सलाम की हत्या कर दी गई। दो महीने पहले सीवान में भी हमारी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की हत्या कर दी गयी थी। ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार के शासन में कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। दुर्भाग्य से सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है, जबकि जिम्मेदारी सरकार की ही है

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