इसरो ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल अल्पकालिक हॉट टेस्ट किया है। जिसके बाद इसरो ने कहा कि यह इग्निशन परीक्षण 28 मार्च, 2025 को किए गए पहले सफल हॉट टेस्ट के बाद दूसरा मील का पत्थर है, जो सेमीक्रायोजेनिक इंजन परीक्षण कार्यक्रम के परीक्षण में एक बड़ी सफलता थी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफलतापूर्वक अल्पकालिक हॉट टेस्ट किया है। शनिवार को एजेंसी ने बताया कि 24 अप्रैल को तमिलनाडु के महेंद्रगिरी स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी) में यह परीक्षण किया गया।
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इसरो ने एक बयान जारी कर बताया कि यह इग्निशन परीक्षण 28 मार्च, 2025 को किए गए पहले सफल हॉट टेस्ट के बाद दूसरा मील का पत्थर है, जो सेमीक्रायोजेनिक इंजन परीक्षण कार्यक्रम के परीक्षण में एक बड़ी सफलता थी। बयान के मुताबिक, इंजन पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (पीएचटीए), जिसमें थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर सभी इंजन सिस्टम शामिल हैं, का 3.5 सेकंड की अल्प अवधि के लिए हॉट टेस्ट किया गया। इसका उद्देश्य इंजन के सुचारू इग्निशन के प्रदर्शन को मान्य करना था।
परीक्षण के दौरान, इंजन को सफलतापूर्वक प्रज्वलित किया गया और इसकी निर्धारित शक्ति के 60 प्रतिशत तक संचालित किया गया, जिसने स्थिर और नियंत्रित प्रदर्शन को प्रदर्शित किया। इसरो के मुताबिक, कम दबाव और उच्च दबाव टर्बो पंप, प्री-बर्नर और संबंधित नियंत्रण प्रणालियों समेत महत्वपूर्ण उप प्रणालियों के एकीकृत प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए यह परीक्षण किया जाता है।