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ISRO: अपनी आखिरी उड़ान में 16 अगस्त को लॉन्च होगा SSLV, जानें कैसे पृथ्वी की प्रणालियों की समझ को बढ़ाएगा

Mon, 12 Aug 2024 09:49 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार रात को घोषणा की कि वह 16 अगस्त को एसएसएलवी की तीसरी विकासात्मक उड़ान, लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी)-D3/EOS-08 मिशन को एक घंटे की लॉन्च विंडो में सुबह 9:17 बजे लॉन्च करेगा। 
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अपनी आखिरी उड़ान में 16 अगस्त को लॉन्च होगा SSLV - फोटो : X / @isro
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विस्तार
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इसरो ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी देते हुए बताया कि 16 अगस्त को एसएसएलवी की तीसरी विकासात्मक उड़ान, लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी)-D3/EOS-08 मिशन को एक घंटे की लॉन्च विंडो में सुबह 9:17 बजे लॉन्च करेगा। इससे पहले 7 अगस्त को, अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की थी कि प्रक्षेपण 15 अगस्त को सुबह 9.17 बजे निर्धारित किया गया है। यह एसएसएलवी की अंतिम प्रदर्शन उड़ान होगी। एसएसएलवी को आखिरकार निजी उद्योग को सौंप दिया जाएगा।
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पर्यावरण निगरानी समेत कई अन्य डेटा भेजेगा ईओएस-08
पर्यावरण निगरानी से लेकर आपदा प्रबंधन और तकनीकी प्रदर्शनों तक, लगभग 175.5 किलोग्राम वजन वाला EOS-08 कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक क्षेत्रों में मूल्यवान डेटा और अंतर्दृष्टि का योगदान देने के लिए तैयार है। इसरो ने 6 अगस्त को एक बयान में कहा था, ईओएस-08 में तीन अत्याधुनिक पेलोड हैं: एक इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रारेड पेलोड (ईओआईआर), एक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-रिफ्लेक्टोमेट्री पेलोड (जीएनएसएस-आर) और एक एसआईसी यूवी डोसिमीटर। 

ईओआईआर पेलोड को मध्य-तरंग आईआर और लंबी-तरंग आईआर बैंड में दिन और रात दोनों छवियों को कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो आपदा निगरानी से लेकर आग का पता लगाने और ज्वालामुखी गतिविधि अवलोकन तक के अनुप्रयोगों को सक्षम बनाता है। जीएनएसएस-आर पेलोड महासागर की सतह की हवा के विश्लेषण, मिट्टी की नमी के आकलन और बाढ़ का पता लगाने के लिए अभिनव रिमोट सेंसिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करता है।
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एक वर्ष के लिए तय है ईओएस-08 का मिशन
ईओएस-08 में कई स्वदेशी रूप से विकसित घटक भी शामिल हैं, जिनमें सौर सेल निर्माण प्रक्रियाएं और माइक्रोसैट अनुप्रयोगों के लिए एक नैनो स्टार-सेंसर शामिल हैं। इसरो ने कहा था कि नवाचार के लिए मिशन की प्रतिबद्धता बेहतर प्रदर्शन के लिए एक्स-बैंड डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम तक फैली हुई है। इसरो ने कहा था, अपने नियोजित एक वर्ष के मिशन जीवन के साथ, ईओएस-08 महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करने के लिए तैयार है, जो पृथ्वी की प्रणालियों की समझ को बढ़ाएगा और समाज और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए लाभकारी अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला का समर्थन करेगा।
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