एक रॉकेट से एक ही बार में 104 उपग्रहों को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कराने का इतिहास रचने पर पूरी दुनिया में इसरो के विश्व कीर्तिमान को सराहा है। दुनिया सुर में अपनी ताल मिलाने के लिए चीन ने भी भारत के इस विश्व रिकॉर्ड की प्रशंसा तो की, लेकिन अपनी चिढ़ निकालते हुए यह भी कहा कि अभी इस देश को बहुत दूरी तय करनी है।
चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि रूस के रिकॉर्ड को तोड़ने का श्रेय भारत को निस्संदेह दिया जाना चाहिए, लेकिन अंतरिक्ष में भारत की ओर से कोई अंतरिक्षयात्री नहीं गया है और न ही उसका कोई अपना स्पेस स्टेशन है। ऐसी योजना अभी भारत में शुरू तक नहीं हुई है।
यद्यपि अखबार ने भारत की तारीफ करने की औपचारिकता भी निभाई है। इसमें लिखा है कि भारत ने रिकॉर्ड बनाकर अच्छा काम किया है और भारतीयों को इस पर गर्व करना चाहिए। उसने लिखा कि - ‘भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने दूसरे देशों को यह सोचने का मौका दिया है कि छोटे बजट में कैसे अंतरिक्ष क्षेत्र में कामयाबी हासिल की जा सकती है।’