इसरो के चेयरमेन डॉक्टर के. सिवान ने स्पेस एक्स कंपनी की इस लॉन्चिंग को लंबी छलांग करार देते हुए एलन मस्क को बधाई दी। एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए डॉ सिवान ने बताया कि इसरो भी स्पेस एक्स की तरह ही कई बार इस्तेमाल हो सकने वाले रॉकेट यान पर काम कर रहा है। इस पर गहराई से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इसरो की रिसर्च एंड डेवलेपमेंट टीम तीन तकनीकों पर काम कर रही है।
पहली तकनीक जिसके माध्यम से ऑर्बिटल में यान को दोबारा ले जाने के लिए, दूसरी तकनीक जिसके जरिए इस्तेमाल किए जा चुके यान को दोबारा लैंडिंग कराने के लिए और तीसरी तकनीक जिसके माध्यम से हम इस्तेमाल किए जा चुके रॉकेट का प्रयोग दूसरी बार भी कर सकें। इन तीनों तकनीकों पर इसरो की टीम काम कर रही है, उन्होंने यह भी बताया कि दूसरी तकनीक का परिक्षण 2016 में किया जा चुका है।
डॉ सिवान ने अनुसार फिलहाल हमारी प्राथमिकता GSLV MK III की लिफ्टिंग कैपिबिलिटी को बढ़ाकर 4 से 6.5 टन करना है। ताकि लॉन्चिंग की कीमत को कम किया जा सके।
आपको बता दें कि स्पेस एक्स ने जो काम किया उस पर कई देश कई सालों से काम कर रहे हैं, जिसमें रूस, चीन और फ्रांस का नाम शामिल है। लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाए।
फ्लोरिडा के केनडी स्पेस सेंटर स्थित नासा के लॉन्चिंग पैड से
फॉल्कन हेवी ने उड़ान भरी। इस यान के साथ एक स्पोर्ट्स कार को भी भेजा गया। ऐसा पहली बार हुआ, जब
अंतरिक्ष में स्पोर्ट्स कार पहुंचाई गई। 63.8 टन के इस यान में 27 मर्लिन इंजन लगे हुए हैं।