सोमनाथ ने कहा, अंतरिक्ष यात्रियों को उनके मिशन के दौरान भारतीय भोजन मुहैया कराने के लिए कई संस्थान विशेष खाद्य पदार्थ और मेनू विकसित करने में जुटे हैं। फिलहाल, शुरुआती अभियान के दौरान इडली-सांबर जैसी चीजें नहीं मिलेंगी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले वर्ष अंतरिक्ष में पहला मानव अभियान गगनयान भेजने की तैयारी में जुटा है। 2020 में इसरो ने गगनयान के यात्रियों के लिए खाने का मैन्यू जारी करते हुए बताया था कि अंतरिक्ष में यात्रियों को इडली, पराठे, दाल रोटी सहित 24 भारतीय व्यंजन खाने को मिलेंगे। लेकिन, इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने शुक्रवार को बताया कि पहले अभियान के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को सिर्फ पैलेटाइज्ड खाना मिलेगा, जिसे ट्यूब से निगलना होगा।
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सोमनाथ ने कहा, अंतरिक्ष यात्रियों को उनके मिशन के दौरान भारतीय भोजन मुहैया कराने के लिए कई संस्थान विशेष खाद्य पदार्थ और मेनू विकसित करने में जुटे हैं। फिलहाल, शुरुआती अभियान के दौरान इडली-सांबर जैसी चीजें नहीं मिलेंगी। अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चयन प्रक्रिया की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, भारतीय वायु सेना के जवान अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्राथमिक स्रोत हैं, क्योंकि वे ऐसे वातावरण का सामना करने में सक्षम अनुभवी पायलट हैं। वे वर्तमान में प्रशिक्षण के दौर से गुजर रहे हैं।
पहले मानव अभियान के लिए वायु सेना के चार पायलटों को चुना गया है। ये पायलट अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षु के रूप में शामिल हुए हैं और वर्तमान में अपनी भूमिका की तैयारी कर रहे हैं। सोमनाथ ने बताया कि फिलहाल उस मॉड्यूल को डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें उन्हें बैठाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस अभियान में उन देशों से भी मदद ली जा रही है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेज चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, फिलहाल इसके लॉन्च की कोई तारीख नहीं बताई जा सकती, फिलहाल हमारा ध्यान उस बिंदु तक पहुंचना है, जहां से अंतरिक्ष यात्रियों को लॉन्च कर सकें।