भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को एक और इतिहास रचा। आज सुबह नौ बजे इसरो के LVM3 रॉकेट ने ब्रिटिश कंपनी वनवेब के 36 उपग्रहों को लेकर उड़ान भरी। सफलतापूर्वक एक साथ 36 उपग्रह लॉन्च करने के पीछे इसरो प्रमुख ने LVM3 रॉकेट को श्रेय दिया है। उन्होंने कहा है कि LVM3 रॉकेट गगनयान के लिए अनुकूल है। इसने अभी तक बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि LVM3 रॉकेट (पूर्व में जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल Mk III), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का अब तक का सबसे भारी लॉन्च वाहन है।
LVM3-M3 गगनयान के अनुकूल
इस सफलता को हासिल करने के बाद मिशन कंट्रोल सेंटर में वैज्ञानिकों को संबोधित करते इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि LVM3 रॉकेट में गगनयान मिशन के लिए जरूरी लॉन्चरों की तरह ही S200 मोटर्स लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि इस रॉकेट (LVM3-M3) में S200 मोटर्स भी हैं जिन्हें बढ़े हुए मार्जिन और विशेषताओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। यह गगनयान कॉन्फ़िगरेशन के अनुकूल हैं। इसरो प्रमुख ने कहा हमें खुशी है कि इसने इस मिशन में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।
उन्होंने आगे कहा कि इस रॉकेट में और भी कई सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य इसे अन्य चरणों और प्रणालियों में भी मानव-रेटेड बनाना है। मैं गगनयान मिशन की दिशा में भी हो रही प्रगति को देखकर बहुत खुश हूं।
2024 की चौथी तिमाही में लॉन्च हो सकता है चंद्रयान -3 मिशन
गौरतलब है कि इसरो ने अगले साल जून में चंद्रयान -3 मिशन को चंद्रमा पर लॉन्च करने की योजना बनाई है। इसके तहत गगनयान मिशन में तीन सदस्यों के एक दल को तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किमी की कक्षा में भेजा जाएगा। इस मिशन को 2024 की चौथी तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
भविष्य के मिशनों के बारे में इसरो प्रमुख ने दी जानकारी
भविष्य के मिशनों के बारे में बोलते हुए इसरो प्रमुख सोमनाथ ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक अप्रैल में एक ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान के व्यावसायिक प्रक्षेपण की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही अगले लॉन्च अभियान के लिए तैयार हो रहे हैं। इसलिए, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा बाद के लॉन्च मिशन के लिए काफी काम करने वाला है।
केंद्र का जताया आभार
इस दौरान इसरो प्रमुख ने केंद्र सरकार का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मैं हमारे प्रधान मंत्री (नरेंद्र मोदी) और साथ ही सरकार को लॉन्च व्हीकल को वाणिज्यिक लॉन्च के लिए उपलब्ध कराने में हमारा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही कम समय (72 दिन) की सूचना पर उपल्ब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि रविवार के मिशन को मिली मंजूरी से वैज्ञानिकों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि जीएसएलवी एमके III रॉकेट गगनयान मिशन में भी उड़ान भरेगा।