गिलॉन ने कहा कि इस्राइल अपनी शर्तों पर अपनी गति से और जिस तरह से उचित समझेगा, जवाब देगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, यह साफ है कि ईरान इसमें शामिल है। हम हथियारों के प्रशिक्षण और आपूर्ति की बात लेकर निश्चित हैं। उन्होंने कहा, मैं इस हमले को आयोजित या व्यवस्थित करने में मदद की बात से इनकार नहीं कर सकता। अब यह कोशिश की जा रही है कि इस्राइल का ध्यान खींचने के लिए उत्तरी सीमा को गर्म किया जाए।
गिलॉन ने कहा कि यह ऐसा इलाका है जहां भारतीय वर्दीधारी सैनिक मौजूद हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस्राइल इस संभावना से इनकार नहीं करेगा कि ईरान हमले में आतंकवादी समूह की सहायता कर सकता है।उन्होंने कहा, 'आतंकवादी बहुत बड़ी कीमत चुकाने जा रहे हैं। हम अपनी गति से, अपनी पसंद के अनुसार काम करेंगे, जिस तरह से हम चाहते हैं।'
इस्राइली राजदूत ने इस बात पर भी जोर दिया कि हमास नागरिक आबादी को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और खुद को पीड़ित के रूप में दिखा रहा है। गिलॉन ने कहा, हम हमास का इतिहास जानते हैं। अब वे नागरिक आबादी के पीछे छिपना शुरू कर देंगे। अब उनके पास पीछे छिपने और खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने के लिए इस्राइली बंधक भी हैं। यह हमेशा से एक मुद्दा है।