इस्राइल-हमास संघर्ष से गाजा में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, हर दिन 28 बच्चे भूख, बमबारी और इलाज के अभाव में मारे जा रहे हैं। इस्राइल ने सहायता के रास्ते बंद कर दिए हैं, जिससे भुखमरी फैली है।
इस्राइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष में गाजा की स्थिति दिन-प्रतिदिन और भयावह होती जा रही है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि गाजा में हर दिन करीब 28 बच्चे मारे जा रहे हैं। यह बच्चे बमबारी, भूख, बीमारी और जरूरी मदद न मिलने की वजह से जान गंवा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) ने कहा है कि गाजा के बच्चों को सबसे ज्यादा खाना, पानी, दवा और सुरक्षा की जरूरत है। और सबसे जरूरी है कि तुरंत ही युद्ध रोक दिया जाए।
क्या है संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की मांग?
वहीं मामले में संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और 150 से ज्यादा मानवतावादी संगठनों ने युद्ध बंद करने और जरूरी मदद पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि गाजा के बच्चे एक खोई हुई पीढ़ी बनते जा रहे हैं, जिन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से भी मदद चाहिए।
क्या कहना है इस्राइली सेना का?
वहीं इस मामले में इस्राइली सेना ने कहा है कि छह देशों ने 110 और मदद के पैकेट गाज़ा में एयरड्रॉप किए हैं। जुलाई 27 से अब तक कुल 785 पैकेट एयरड्रॉप किए जा चुके हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ युद्ध की अगली रणनीतियों पर चर्चा की है, जिसमें गाज़ा पर पूरा कब्जा करने का विकल्प भी शामिल है।
अब समझिए पूरा मामला?
बता दें कि ये पूरा संघर्ष तब शुरू हुआ जब सात अक्तूबर 2023 को जब हमास ने दक्षिणी इस्राइल पर हमला किया था, तब से गाजा में 18,000 से ज्यादा बच्चे मारे जा चुके हैं। हर घंटे लगभग एक बच्चा अपनी जान गंवा रहा है। कुल मिलाकर गाज़ा में 60,933 से अधिक लोग मारे गए हैं और 1,50,000 से ज्यादा घायल हुए हैं।