संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि और सुरक्षा परिषद की आतंकरोधी कमेटी के अध्यक्ष टीएस तिरुमूर्ति ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर हमला बोला है। उन्होंने सोमवार को कमेटी की बैठक के दौरान कहा कि आईएसआईएल, अलकायदा और संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्गीकृत किए गए आतंकी संगठन अब भी कुछ देशों में और सीमापार आतंकवाद फैलाने में जुटे हैं। तिरुमूर्ति ने कहा कि ऐसे संगठन लगातार आम लोगों और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
तिरुमूर्ति ने कमेटी की बैठक से पहले अध्यक्ष के तौर पर दिए अपने संबोधन में कहा कि कमेटी ने 2018 में अनाधिकारिक बैठकों में दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में फैल रहे आतंकवाद और हिंसक कट्टरवाद पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बैठक के बाद भी क्षेत्र में कुछ आतंकी संगठन या तो देशों में और या फिर सीमापार आतंकवाद फैलाने में जुटे हैं। वे आम नागरिकों के साथ सैन्य प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाते हैं।
यूएन में भारत के प्रतिनिधि का यह बयान पुलवाला में हुए आतंकी हमले के ठीक तीन साल बाद आया है। पुलवामा हमले में भारतीय सुरक्षाबलों के 40 जवानों की मौत हुई थी। अपने बयान में उन्होंने 2019 में श्रीलंका में ईस्टर के दौरान हुई बमबारी को लेकर भी चर्चा की। तब श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में तीन आलीशाल होटलों पर सुसाइड बॉम्बर्स ने हमला किया था। इसके बाद तिरुमूर्ति ने पाकिस्तान से संबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लेते हुए कहा कि इसी संगठन ने पुलवामा में आतंकी हमले को अंजाम दिया था।
अच्छे पड़ोसी की तरह कश्मीर मुद्दा सुलझाएं
इधर, दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापते हुए अपनी जर्जर अर्थव्यवस्था से ध्यान भटकाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान और भारत को एक अच्छे पड़ोसी की तरह बातचीत से सुलझाना चाहिए। उन्होंने बातचीत में संघ को बड़ी बाधा बताया।
सीएनएन से पाक पीएम ने कहा, यदि यह मुद्दा अनसुलझा रहता है तो हमेशा दो परमाणु ताकतों के बीच संघर्ष का खतरा बना रहेगा। भारत पाकिस्तान को आतंक और हिंसा मुक्त माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी उस (पाकिस्तान) पर है। भारत कई मौकों और मंचों पर कहता रहा है कि कश्मीर विवाद का विषय नहीं होना चाहिए क्योंकि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा।