कश्मीर की हालत बिगाड़ने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। हाल ही में भारत में दो आईएसआई एजेंटों को पकड़ा गया। टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक कश्मीर घाटी में जहर उगलने वाले अलगाववादियों को आईएसआई की तरफ से लगातार फंड मुहैया कराया जा रहा है।
इस फंडिंग के तार हुर्रियत नेताओं, अलगाववादी नेता शब्बीर शाह और पाक हाई कमिश्नर अब्दुल बासित से जुड़े हुए हैं। भारत में पकड़े गए आईएसआई एजेंटों ने भी ये बात स्वीकार की है कि भारत में उन्हें पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित से नियमित तौर पर पैसे मिलते रहे हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान और अलगाववादी नेताओं के बीच का गठजोड़ ही कश्मीर के युवाओं को बहकाने के लिए जिम्मेदार है। हुर्रियत नेता शाबिर अहमद शाह का नाम सवालों के घेरे में है। वही इस क्षेत्र में हिंसा करने वाले लोगों को भर्ती करने का जिम्मेदार है।
पिछले साल के शुरुआती महीनों में, कश्मीर की दुखद स्थिति को अलगाववादियों द्वारा संचालित नहीं किया गया बल्कि इसके पीछे पाकिस्तानी एजेंटों का भी हाथ था। इन्होंने ही आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए रावलपिंडी से घाटी में हुर्रियत कार्यालयों को धन मुहैया कराया।
इन सबसे एक बात तो साफ है कि पाकिस्तान न केवल सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि भारत में आंतरिक अलगाववादियों को भी अपने 'आजादी आंदोलन' को बढ़ावा देने के लिए धन मुहैया करा रहा है।