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'ईरान ढहने वाला नहीं, हम एक मजबूत देश': मोजतबा के प्रतिनिधि ने UN पर उठाए सवाल, बताया अमेरिकी हमलों का असली सच

Tue, 28 Apr 2026 09:01 PM IST
Himanshu Singh Chandel एएनआई, नई दिल्ली

सार

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के दूत डॉ. मोहम्मद होसैन जियाईनिया ने अमेरिका और ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी देकर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ रहा है और संयुक्त राष्ट्र चुप है। जियाईनिया ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने बचाव में सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कई और खुलासे किए। आइए, विस्तार से समझते हैं।
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डॉ. मोहम्मद होसैन जियाईनिया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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क्या अमेरिका ने ईरान पर हमला कर सारी हदें पार कर दी हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि भारत में मौजूद ईरान के एक बड़े अधिकारी ने मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पश्चिमी देशों पर करारा हमला बोला है। ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के उप प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद होसैन जियाईनिया ने साफ कहा है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है और संयुक्त राष्ट्र मूकदर्शक बनकर सब देख रहा है। उन्होंने ट्रंप के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें ईरान के ऊर्जा ठिकानों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी।
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जियाईनिया ने साफ कर दिया है कि ईरान चुप बैठने वाला देश नहीं है और वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। उनका कहना है कि ईरान पर हमला करने वाले लड़ाकू विमान सीधे अमेरिका से नहीं उड़ सकते, बल्कि वे ईरान के आसपास मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं, जिसमें फलस्तीन की जमीन भी शामिल है। ईरान के अधिकारी ने पूछा है कि अगर आपके घर पर कोई चारों तरफ से हमला करे, तो क्या आप चुप रहेंगे? उन्होंने भारत और ईरान की सभ्यताओं की तुलना करते हुए कहा कि हम दोनों ही देश कभी हमलावर नहीं रहे, बल्कि हमें हमेशा बाहरी ताकतों से लड़ना पड़ा है।

ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर क्यों किया हमला?
 
  • डॉ. जियाईनिया ने कहा कि ईरान केवल उन लोगों को निशाना बना रहा है जिन्होंने उनके क्षेत्र में घुसपैठ की है।
  • एक लड़ाकू विमान अमेरिकी क्षेत्र से ईरान तक उड़ान नहीं भर सकता, इसलिए अमेरिका ने ईरान के चारों तरफ अपने सैन्य अड्डे बनाए हैं।
  • उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आपके घर के चारों ओर मौजूद अड्डों से हमला हो, तो आप क्या करेंगे?
  • जियाईनिया ने स्पष्ट किया कि ईरान ऐसे हमलों के सामने चुप नहीं बैठेगा और अपनी रक्षा करना उसका कर्तव्य है।
  • उन्होंने कहा कि ईरान और भारत जैसी प्राचीन सभ्यताएं कभी हमलावर नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने हमेशा विदेशी ताकतों का सामना किया है।
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क्या अंतरराष्ट्रीय संगठन अमेरिका के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे?
 
  • ईरान के अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई देश खुलेआम अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़ने की बात कह रहा है।
  • ट्रंप ने ईरानी सभ्यता को मिटाने की बात कही, फिर भी कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था उनके खिलाफ आवाज नहीं उठा रही है।
  • संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों की इस मामले पर चुप्पी को लेकर ईरान ने गहरे सवाल खड़े किए हैं।
  • जियाईनिया ने पूछा कि इस दुनिया की ऐसी स्थिति क्यों हो गई है जहां ऐसी धमकियों पर कोई रोकटोक नहीं है।

ईरान में अंदरूनी कलह और नेतृत्व का संकट?
 
  • पश्चिमी मीडिया की उन रिपोर्ट्स को ईरान ने खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान में अंदरूनी कलह है।
  • डॉ. जियाईनिया ने कहा कि जो लोग ईरान के सिस्टम को नहीं समझते, वे ही ऐसे सवाल उठा रहे हैं।
  • उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान एक गणराज्य है और यह किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है; यहां एक पूरा पदानुक्रम है।
  • पहले आर्थिक प्रतिबंधों के कारण कुछ मतभेद थे, लेकिन अब युद्ध के बाद ईरान की जनता पूरी तरह से एकजुट है।
  • ईरान के लोगों को अब समझ आ गया है कि उनकी आर्थिक समस्याओं की असली जड़ बाहरी दुश्मन हैं।

सर्वोच्च नेता खामेनेई की तबीयत को लेकर क्या है सच्चाई?

कुछ दिन पहले हुई बातचीत का हवाला देते हुए जियाईनिया ने कहा कि हजरत अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की हालत बिल्कुल ठीक है। उनके स्वास्थ्य को लेकर उड़ाई जा रही सभी अफवाहें पूरी तरह से निराधार और झूठी हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि युद्ध की शुरुआत दुश्मनों ने की थी, लेकिन इसे कैसे खत्म करना है, यह फैसला ईरान करेगा।
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