नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी। फाइल फोटो
भारतीय रेलवे सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के साथ साथ अब अपनी पहले से चल रही प्रीमियम ट्रेनों को भी नए अंदाज में ढालने की योजना बना रहा है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। देशभर में चल रही करीब 100 शताब्दी और जनशताब्दी सेवाओं को बेहतर इंटीरियर, आधुनिक सुविधाओं और यात्रियों के अनुभव को सुधारने के लिए अपग्रेड किया जाएगा।
हाल ही में रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनों को निर्देश जारी कर कहा कि, ट्रेनों के रेक की विस्तृत जांच करे। इनमें पाई जाने वाली कमियों को दूर करने के लिए तय समय में एक्शन प्लान तैयार करे। रेलवे के अनुसार, मुख्य फोकस इन ट्रेनों को आधुनिक बनाने और साफ-सफाई, भरोसेमंद सेवा व बेहतर सुविधाओं के जरिए यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों को पूरा करना है।
रेलवे बोर्ड ने अपने आदेश में कहा कि, यात्रियों की सुविधा और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इन ट्रेनों को अच्छी स्थिति में रखना बेहद जरूरी है। इस अपग्रेडेशन के तहत सबसे ज्यादा फोकस बाथरूम की साफ-सफाई और उनकी स्थिति सुधारने पर रहेगा। इसके अलावा सीटों को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए नई अपहोल्स्ट्री लगाई जाएगी और चार्जिंग पोर्ट व स्नैक्स टेबल जैसी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। साथ ही कोच में झटकों को कम कर सफर को ज्यादा स्मूथ बनाने पर भी काम होगा। इसके अलावा वेस्टिब्यूल एरिया, गैंगवे और पूरे कोच के इंटीरियर जैसे फ्लोरिंग और पैनल को भी बेहतर बनाने के कदम शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे की इस पहल में कोचों में बेहतर रोशनी, ट्रेनों की बाहरी बनावट को आकर्षक बनाना और साफ-सुथरे डेस्टिनेशन बोर्ड लगाने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे को बेहतर किया जाएगा। यह पूरा अपग्रेडेशन अभियान यात्रियों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सभी जोनल रेलवे को ऑडिट करने, कमियों की पहचान करने और सख्त निगरानी के साथ सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। देशभर में फिलहाल करीब 25 जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस और दो दर्जन से अधिक जनशताब्दी एक्सप्रेस प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ रही हैं।