पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने के प्रयास में भारत को जल्द एक और सफलता मिल सकती है। अफगानिस्तान और बांग्लादेश की तरह ईरान भी बलूचिस्तान पर भारत के रुख का समर्थन करेगा। कूटनीतिक प्रयासों में जुटे शीर्ष अधिकारियों की मानें तो बलूचिस्तान पर ईरान को साधने में कामयाबी लगभग मिल गई है।
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के अनुसार उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने की भारतीय कोशिश तीन स्तर पर चल रही है। पहला प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक को अलग-थलग करना तो दूसरी सार्क देशों के बीच उसके चेहरे को बेनकाब करना है।
तीसरी रणनीति पाक पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाने की है। इसके लिए सैन्य बलों की तादाद सीमा पर बढ़ाई जाएगी। पाक के साथ जंग की अभी सरकार की कोई मंशा नहीं है, मगर आने वाले समय में सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाकर भारतीय रणनीतिकार पाक पर दबाव बनाने की सोच रहे हैं।
भारत का प्रयास पाक को कूटनीतिक तरीके से मात देने की है। सूत्र बताते हैं कि जिस कदर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने बलूचिस्तान के मुद्दे पर भारत के रुख की तारीफ की है। ठीक उसी तर्ज पर ईरान का कोई बड़ा नेता बलूचिस्तान पर भारत के रुख की सराहना करेगा। बांग्लादेश भी बलूचिस्तान पर भारत के रुख की सराहना कर चूका है। मुस्लिम देशों के भारत के पक्ष में खडे़ से होने से पाक की स्थिति अंतरराष्ट्रीय मंच पर और कमजोर होगी।