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Iran: पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में क्या होगी भारत की भूमिका? ईरान के राजदूत ने कही बड़ी बात

Tue, 24 Mar 2026 11:59 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों की की उपस्थिति और भारत की ओर उनकी यात्रा की अनुमति के बारे में पूछे जाने पर ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके पास भारतीय जहाजों की सटीक संख्या के बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने बताया कि जिन मामलों की रिपोर्ट की गई है, उन पर कार्रवाई की जा रही है। कुछ जहाजों को पहले ही सुरक्षित मार्ग मिल चुका है।
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ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। मोहम्मद फतहाली ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण की एक प्रमुख शक्ति होने और अपनी संतुलित विदेश नीति के कारण पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में अहम योगदान दे सकता है।
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डॉ. फतहाली ने कहा कि भारत के पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े हुए सभी देशों के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि इसी के चलते ये भारत को गलतफहमियों को दूर करने और कूटनीतिक रास्तों को मजबूत करने में एक विश्वसनीय खिलाड़ी के रूप में स्थापित करते हैं। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है।

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युद्ध की स्थिति और ईरान की शर्तें
पश्चिम एशिया में युद्ध की वर्तमान स्थिति के बारे में पूछे जाने पर ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने कहा कि युद्ध जारी है। उन्होंने दोहराया कि ईरान ने इस युद्ध को शुरू नहीं किया था, लेकिन इसे खत्म करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि युद्ध का खात्मा ईरान की वैध शर्तों और मांगों के समाधान पर निर्भर करेगा।

उन्होंने युद्ध रोकने के लिए ईरान की शर्तें बताते हुए कहा कि आक्रामक कार्रवाईयों पर पूरी तरह से लगाम लगे, हमले दोबारा नहीं होंगे इसके लिए विश्वसनीय गारंटी दी जाए, हमलावरों को जवाबदेह ठहराया जाए, इसी के साथ ईरान के कानूनी अधिकारों और हितों का सम्मान सुनिश्चित किए जाएं। 

अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या है ईरान का रुख?
डॉ. फतहाली ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपने देश की रक्षा के लिए हर संभव कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध की कीमत आत्मसमर्पण से कम है और यही सिद्धांत ईरान के दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों ने प्रतिरोध का मार्ग चुना है।

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ईरानी राजदूत ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि ईरान की अमेरिका के साथ कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम को लेकर कहा कि ईरान इससे न तो डरता है और न ही उनकी बातचीत के प्रस्तावों को वास्तविक मानता है।

मोदी-ट्रंप वार्ता के बाद ईरानी राजदूत से मिले जयशंकर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली से मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने कहा, आज दोपहर भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली से मुलाकात की। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की। इन चुनौतीपूर्ण समय में ईरान में भारतीयों को दिए गए समर्थन की सराहना करता हूं।

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