जम्मू-कश्मीर के निलंबित आईपीएस अधिकारी बसंत रथ ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह सचिव, जेएंडके के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव 'गृह' राज कुमार गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए जम्मू जिले के गांधी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। बसंत रथ ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आईपीएस अधिकारी ने लिखा है, उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्हें जान का खतरा है। निलंबित अधिकारी, आत्मरक्षा के लिए जारी पिस्टल वापस लेने को लेकर चिंतित हैं। 9 एमएम पिस्टल, जिसके साथ एक मैगजीन व 35 राउंड जारी किए गए थे, उन्हें टेलीफोन पर बिना किसी कानूनी औचित्य और कारण बताए, वह पिस्टल और मैगजीन, सरेंडर करने के लिए कहा गया है। बसंत रथ ने उस प्रक्रिया को तयशुदा नियमों का उल्लंघन बताया है।
उनके जीवन को खतरे में डाला जा रहा है
निलंबित आईपीएस ने अजय कुमार भल्ला आईएएस (केंद्रीय गृह सचिव, भारत सरकार), दिलबाग सिंह आईपीएस (डीजीपी, जम्मू एंड कश्मीर) और राज कुमार गोयल आईएएस (अतिरिक्त सीएस, गृह विभाग, जेएंडके) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जम्मू जिले के गांधी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। बसंत रथ ने आरोप लगाया है कि उनकी जान को खतरा है। उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रची जा रही है। शिकायत में जिन लोगों का नाम है, वे कानून के खिलाफ जाकर अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके जीवन को खतरे में डाला जा रहा है। रथ ने अपनी शिकायत में कहा, आरोपी उनकी स्वतंत्रता को अपने गुंडों/गुर्गों के माध्यम से खत्म कराने की कोशिश कर रहे हैं। निलंबित आईपीएस ने अपने ट्वीटर पर शिकायत की प्रति डाली है।
पिस्टल, एक मैगजीन और 35 राउंड जारी किए गए थे
शिकायतकर्ता बसंत रथ, मौजूदा समय में निलंबित हैं। उन्हें बतौर आईजी, कमांडेंट जनरल होमगार्ड/सीडी एंड एसडीआरएफ के साथ अटैच किया गया है। उन्हें आत्मरक्षा के लिए 9 एमएम पिस्टल के साथ एक मैगजीन और 35 राउंड जारी किए गए थे। रथ ने आरोप लगाया कि उपरोक्त अधिकारियों ने उनसे आत्मरक्षा का हथियार छीनने के लिए एक आपराधिक साजिश रची है। इस स्थिति ने उनके जीवन, अंग और स्वतंत्रता को शत्रुतापूर्ण तत्वों, विशेष रूप से जम्मू में भू-माफिया और आतंकवादियों की ओर से अत्यधिक खतरे में डाल दिया है। रथ ने उल्लेख किया कि उन्होंने एसडीपीओ चरार-ए-शरीफ, बडगाम, अतिरिक्त एसपी बारामूला, एसपी रामबन, एसपी पुंछ और एसएसपी जम्मू के रूप में कार्य किया है। उन्होंने आतंकवादियों और भू-माफिया के खिलाफ सख्ती से काम किया है।
शिकायत में एचके लोहिया मर्डर का जिक्र
बसंत रथ ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि तत्कालीन डीजी जेल, एचके लोहिया का मर्डर कर दिया गया था। उनके पास आत्मरक्षा के लिए कोई हथियार नहीं था। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि जब मैंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया, तो सक्षम प्राधिकारी को पहले मेरे निलंबन पर फैसला लेना चाहिए था। उसके बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन पर विचार करना था। इस प्रक्रिया के बाद नो ड्यूज सर्टिफिकेट 'एनडीसी' मांगा जाना था। आरोपों में कहा गया है कि डीजीपी जेएंडके ने निलंबन पर फैसला लेने से पहले उससे 'एनडीसी' मांग लिया। इस वजह से उससे पिस्टल जमा कराने के लिए कहा गया है। रथ ने कहा है कि मैं पिस्टल जमा कराता हूं तो मेरी जान को बड़ा जोखिम हो सकता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किया था निलंबित
विवादों को भड़काने के आरोप में बसंत रथ को जुलाई 2020 में गृह मंत्रालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था। उस वक्त भी उन्होंने डीजीपी दिलबाग सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। बसंत रथ ने अपनी शिकायत में कहा था, कि उन्हें डीजीपी दिलबाग सिंह की कुछ गतिविधियों से जान का खतरा है। वह मुकदमा नहीं चाहते हैं, लेकिन इस संबंध में जानकारी दे रहे हैं। यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि कौन सा नंबर डायल करना है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया था, 'बसंत रथ के खिलाफ घोर कदाचार और दुर्व्यवहार के आरोप सरकार के संज्ञान में आए हैं। इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्यवाही पर विचार किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान रथ का मुख्यालय जम्मू होगा। वे जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक की अनुमति के बिना इसे नहीं छोड़ेंगे।