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गायत्री मामले में सस्पेंड हुए जज के बारे में IPS अमिताभ ठाकुर ने किया बड़ा खुलासा

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गायत्री प्रजापति, अमिताभ ठाकुर
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अखिलेश सरकार के चहेते मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के खिलाफ चल रहे कई मामलों में वादी रहे सूबे के चर्चित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने गायत्री को बेल देने के मामले में सस्पेंड हुए जज के बारे में कई खुलासे किए हैं। अमिताभ ने आरोपी जज ओपी मिश्रा के साथ अपने एक कड़वे अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वह अनाकरण उन्हें निशाना बनाते थे।
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अपनी एक फेसबुक पोस्ट में अमिताभ ने बताया कि कई महीने पहले उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम करने के लिए परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई इन्हीं जज ओपी मिश्रा की अदालत में हुई थी।

अमिताभ का आरोप है कि पूरी सुनवाई के दौरान वे मुझसे अकारण दुर्व्यवहार और पक्षपातपूर्ण आचरण करते रहे जिससे साफ जाहिर होता था कि दूसरे पक्ष के प्रति उनका लगाव है। अमिताभ ने बताया कि उन्होंने जज के इस पक्षपातपूर्ण और दुर्व्यवहार की शिकायत हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के यहां भी की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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अमिताभ ठाकुर ने फेसबुक पर क्या लिखा ?

आईपीएस अमिताभ ठाकुर
नीचे पढ़ें अमिताभ ठाकुर का फेसबुक पोस्ट- 

क्या था नूतन मामला ?
दरअसल अमिताभ ठाकुर की पत्नी व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने अवैध खनन के मामले में 26 दिसंबर 2014 को गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त से शिकायत की थी।

इसके बाद 17 जनवरी 2015 को गाजियाबाद की एक महिला की तरफ से आईपीएस ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन पर रेप का आरोप लगाते हुए गोमतीनगर थाने के तत्कालीन एसओ सैयद मो. अब्बास को दिया हुआ एक प्रार्थना पत्र सामने आया।

नूतन ठाकुर का कहना था कि लोकायुक्त से शिकायत वापस न लेने पर गायत्री ने ही महिला के जरिए रेप की फर्जी शिकायत कराई और तत्कालीन एसओ ने किसी अधिकारी को बताए बगैर उनके व आईपीएस पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
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