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आईपीएल टिकट विवाद: तेजस्वी सूर्या ने 'वीआईपी संस्कृति' की आलोचना की, वेंकटेश प्रसाद का किया समर्थन

Fri, 27 Mar 2026 11:25 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल।

सार

IPL ticket controversy:  भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कर्नाटक के विधायकों की ओर से आईपीएल टिकट की मांग और बढ़ती 'वीआईपी संस्कृति' की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद की मुख्यमंत्री के सामने झुकने वाली तस्वीर को राजनीतिक मूल्यों में पतन का उदाहरण बताया। पढ़िए रिपोर्ट-
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भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बंगलूरू दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने शुक्रवार को राजनीतिक वर्ग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कर्नाटक के कुछ विधायकों की ओर से आईपीएल टिकट मांग के मामले का जिक्र करते हुए नेताओं में बढ़ती 'वीआईपी संस्कृति' और विशेषाधिकार की भावना की आलोचना की। 
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सोशल मीडिया पर सूर्या ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने एक तस्वीर साझा की, जिसमें वेंकटेश प्रसाद झुककर, हाथ जोड़कर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का अभिवादन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सूर्या ने कहा, यह तस्वीर हमारी राजनीतिक संस्कृति के पतन को दर्शाती है।

उन्होंने लिखा, यह तस्वीर हजार शब्दों से भी ज्यादा कुछ कहती है। यह एक ही फ्रेम में दिखा देती है कि हमारी राजनीतिक संस्कृति का स्तर कितना गिर गया है।  सूर्या ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसाद जैसे 'राष्ट्रीय नायक' को एक मुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर खड़े हुए देखा गया, जिन्होंने अपने यादगार प्रदर्शनों से देश को गौरव दिलाया है।
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भाजपा सांसद ने कहा,  ऐसी घटनाएं एक ऐसी प्रणाली की ओर इशारा करती हैं, जहां सार्वजनिक हस्तियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे राजनेताओं के अहंकार को सहें और एक ऐसी संस्कृति की ओर जो मुफ्त टिकट, विशेष व्यवहार और बिना किसी सवाल के मिलने वाले विशेषाधिकारों की मांग करती है।

इसे एक 'त्रासदी' बताते हुए सूर्या ने कहा कि यह घटना राजनीतिक मूल्यों में आए पतन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, जब देश की बेहतरीन सेवा करने वालों को सम्मान में झुकने पर मजबूर किया जाता है और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोग जवाबदेही के बजाय विशेषाधिकारों की मांग करते हैं, तो इसका मतलब है कि बुनियादी तौर पर बहुत कुछ गलत हो गया है। 

उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता को उजागर करता है। उन्होंने आगे कहा, एक ऐसा राजनीतिक वर्ग जो सत्ता को जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपना हक समझता है, उसे चले जाना चाहिए। एक ऐसी प्रणाली जहां श्रेष्ठता को झुकना पड़ता है और अहंकार सिर उठाकर बैठता है, उसे खत्म होना चाहिए। हर स्तर पर एक नई पीढ़ी के राजनीतिक नेतृत्व की सख्त जरूरत है। 

सूर्या ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम नागरिकों के लिए चिंता का विषय होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, भारत इससे बेहतर का हकदार है। उन्होंने प्रसाद के प्रति अपने समर्थन की भी घोषणा की और कहा कि कई अन्य लोग भी उनके साथ खड़े होंगे।

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एक अलग टिप्पणी में सूर्या ने आईपीएल टिकटों की मांग करने वाले कर्नाटक के विधायकों की आलोचना की और उनकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, अगर कर्नाटक के विधायकों ने अपना समय विधानसभा में आईपीएल प्रशंसकों की सुरक्षा और संरक्षा की तैयारियों पर चर्चा करने में बिताया होता, तो इससे सदन की गरिमा बनी रहती। इसके बजाय, हमने विधायकों को अपने और अपने परिवारों के लिए मुफ्त टिकटों की भीख मांगते हुए और यहां तक कि धमकियां देते हुए देखा। 
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भाजपा सांसद ने इस मांग को न केवल गलत प्राथमिकताओं का मामला बताया, बल्कि एक गहरी समस्या का संकेत भी करार दिया। उन्होंने कहा, यह उस वीआईपी मानसिकता को उजागर करता है जो सार्वजनिक पद को अपना निजी हक समझती है। 


 
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