प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से आईएनएक्स मीडिया मनी लांड्रिंग केस में पूछताछ की। इस मामले में ईडी द्वारा पिछले साल मई में दर्ज केस में कार्ति के अलावा आईएनएक्स मीडिया के निदेशक पीटर और इंद्राणी मुखर्जी भी आरोपी हैं। ये दोनों अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में मुंबई की जेल में बंद हैं।
इससे पहले दो मौकों पर कार्ति के अधिकृत प्रतिनिधि इस केस के जांच अधिकारी से मिल चुके थे लेकिन ईडी ने स्पष्ट कर दिया था कि वह इस मामले में सीधे कार्ति से करना चाहता है।
इसलिए उनका खुद आना जरूरी है। सूत्रों के अनुसार ईडी इस केस में अपराध से उपजी आमदनी की जांच कर रही है। दरअसल, मामले में अवैध लेनदेन के बारे में ईडी के खुलासे के बाद ही सीबीआई ने तीनों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, रिश्वत लेने, लोकसेवक को प्रभावित करने और आपराधिक कदाचार का केस दर्ज किया था और 16 मई को कार्ति के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
सीबीआई के अनुसार आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ एफआईपीबी की शर्तों के उल्लंघन करते हुए कर चोरी के एक मामले को रफादफा कराने के लिए कार्ति ने आईएनएक्स मीडिया से रिश्वत ली थी।
जांच एजेंसी ने 10 लाख रुपये वाउचर भी बरामद किया है जिसके जरिए यह रिश्वत दी गई थी। ये वाउचर एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर जारी किए गए थे।
अप्रत्यक्ष रूप से इस कंपनी पर कार्ति का स्वामित्व है। मालूम हो कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे में दर्ज मामले में भी ईडी ने पिछले हफ्ते कार्ति और उनके पिता के ठिकानों पर छापेमारी की थी।