दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में आरोपी सभी छह नौकरशाहों को 2-2 लाख रुपए के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दे दी। इन नौकरशाहों पर सीबीआई की ओर से आरोप लगाए गए थे और वर्तमान में ये सभी अंतरिम जमानत पर थे।
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में नीति आयोग की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सिंधुश्री खुल्लर समेत अन्य पांच आरोपी पूर्व नौकरशाहों को नियमित जमानत दे दी।
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इन पर सीबीआई की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे और वर्तमान में ये सभी अंतरिम जमानत पर थे। सभी को कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया गया है। यह मामला सीबीआई ने दर्ज किया है।
विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने वित्त मंत्री के पूर्व विशेष दायित्व अधिकारी (ओएसडी) प्रदीप कुमार बग्गा और एफआईपीबी के पूर्व निदेशक प्रबोध सक्सेना को भी जमानत दे दी। अदालत ने उन्हें दो लाख रुपए के मुचलके पर जमानत दी और निर्देश किया कि वे बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे। साथ ही अदालत ने उन्हें साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने के भी निर्देश दिए हैं।
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बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है। सीबीआई ने 15 मई 2017 को आईएनएक्स मीडिया समूह को दी गई विदेश निवेश प्रोमोशन बोर्ड की मंजूरी में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया था। मामले के अनुसार, चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए मिली इस मंजूरी के माध्यम से आईएनएक्स मीडिया समूह ने विदेश से 305 करोड़ रुपए प्राप्त किए थे।
इन छह आरोपी नौकरशाहों को मिली जमानत
आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में बुधवार को कोर्ट ने नीति आयोग की पूर्व सीईओ सिंधुश्री खुल्लर, वित्त मंत्री के पूर्व ओएसडी प्रदीप कुमार बग्गा, एफआईपीबी के पूर्व निदेशक प्रबोध सक्सेना, वित्त मंत्रालय में एफआईपीबी इकाई के पूर्व सेक्शन ऑफिसर अजित कुमार डुंगडुंग, एफआईपीबी इकाई में तत्कालीन अवर सचिव रबिंद्र प्रसाद और पूर्व संयुक्त सचिव (विदेशी व्यापार) डीईए अनूप के. पुजारी को नियमित जमानत दी है। इससे पहले ये सभी आरोपी दिसंबर 2019 से अंतरिम जमानत पर थे।