28 जुलाई 1926 को उत्तर प्रदेश जीयनपुर, वाराणसी से आने वाले नामवर सिंह हिंदी आलोचना के शीर्षस्थ रचनाकार थे। वे एक समालोचक, निबंधकार, संपादक रहे। साहित्य के संसार में उनकी जीवन यात्रा हिंदी के अपभ्रंश साहित्य से लेकर समसामयिक साहित्य तक फैली हुई है। नामवर सिंह ने हिंदी साहित्य की पीढ़ियों को प्रभावित किया।
सम्मान
साहित्य अकादमी पुरस्कार - 1971 (कविता के नये प्रतिमान)
शलाका सम्मान -हिंदी अकादमी, दिल्ली की ओर से
साहित्य भूषण सम्मान- उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से
शब्दसाधक शिखर सम्मान - 2010 (‘पाखी’ तथा इंडिपेंडेंट मीडिया इनिशिएटिव सोसायटी की ओर से)
महावीरप्रसाद द्विवेदी सम्मान - 21 दिसम्बर 2010