इंटरपोल ने यह भी खुलासा किया है कि ऐसे भी कुछ मामले सामने आए हैं, जहां राजनेताओं को संक्रमित पत्र भेजे गए हैं। इस तरह की हरकत को अन्य समूहों पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने ऐसे किसी नेता के नाम का जिक्र नहीं किया है, जिसे यह संक्रमित पत्र भेजा गया हो।
संक्रमित सैंपल ऑनलाइन बेचे जा रहे
इंटरपोल ने बताया कि कुछ लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद जानबूझकर बाहर घूम रहे हैं। तमाम प्रतिबंधों के बावजूद वे संक्रमित क्षेत्र से गैर संक्रमित क्षेत्र में जा रहे हैं। इसमें चौंकाने वाली यह बात सामने आई है कि कुछ लोग संक्रमित सैंपल को ऑनलाइन भी बेच रहे हैं।
बड़ी हस्तियों को खतरा अधिक
वैश्विक संस्था के मुताबिक, जो लोग नेताओं या दिग्गजों की सुरक्षा में तैनात हैं, उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर से साइबर अपराध और आतंकवाद को रोकने में जुटे जांचकर्ताओं को ऑनलाइन बाजार पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
डाक विभाग को भी सतर्क रहने की जरूरत इंटरपोल ने सभी सदस्यों से कहा कि वे डाक विभाग को जैविक हमले के बारे में आगाह करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध पैकेज पर तुरंत सूचना दें। साथ ही उन्हें बचाव के तरीकों से भी अवगत कराने की जरूरत है।
वायरस भेज कंप्यूटर ठप्प करने की तैयारी
इंटरपोल ने यह भी चेताया है कि साइबर अपराधी कंप्यूटर वायरस भेज सकते हैं। उनके निशाने पर ऐसी साइट हैं, जिनका डाटा काफी संवेदनशील है। अपराधी स्वास्थ्य से जुड़े उपकरण या सेवाओं का इस्तेमाल अपने अवैध लेनदेन को छिपाने के लिए कर सकते हैं।