जम्मू-कश्मीर में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। सोमवार से श्रीनगर के सभी स्कूल खुल गए हैं। रविवार को 50 और थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधों में ढील दे दी गई है। इसके अलावा श्रीनगर के कुछ इलाकों और जम्मू क्षेत्र के पांच जिलों- जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और ऊधमपुर में 2जी इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा चालू है। प्रशासन का कहना है कि उसने यह कदम अफवाहों को रोकने के लिए उठाया है। शुक्रवार रात को प्रतिबंधों में कुछ ढील दिए जाने के बाद श्रीनगर के कुछ क्षेत्रों सहित घाटी के 12 स्थानों पर सुरक्षाबलों और युवकों के बीच झड़प हुई। जिसमें कुछ लोग घायल हो गए हैं। इसके बाद प्रशासन ने श्रीनगर के कुछ हिस्सों में फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
सोमवार से श्रीनगर के 190 प्राइमरी स्कूल खुल रहे हैं। उम्मीद है कि आगे पाबंदियों में और ढील दी जा सकती है। सरकार के प्रवक्ता तथा प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने पत्रकारों को बताया कि रविवार को 50 थाना क्षेत्रों में ढील दी गई। ढील की अवधि भी छह घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे कर दी गई।
रविवार को हज पर गए 300 यात्रियों का पहला जत्था पहुंचा। उन्हें उनके घर तक पहुंचाने के लिए राज्य की सरकारी बसें उपलब्ध कराई गई। यह जानकारी सरकारी प्रक्ता रोहित कंसल ने रविवार शाम को दी। कंसल ने कहा कि प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया चालू है। राज्य में चार अगस्त की रात से लैंडलाइन, मोबाइल, इंटरनेट को बंद कर दिया गया था।
पाकिस्तान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाक से अब सिर्फ पीओके पर बात होगी। सरकार के इस फैसले से देश में जहां खुशी की लहर है, वहीं पड़ोसी देश पाक बौखला गया है। वह दुबला होता जा रहा है। उसका हाजमा खराब हो गया है। अब वह दुनिया के देशों का दरवाजा खटखटा रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने क्या अपराध कर दिया? पाक अब भी रुक-रुककर धमकी दे रहा है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी पाक को कह दिया कि जाओ भारत के साथ बैठकर बात करो, यहां आने की जरूरत नहीं है।