प्रश्न- नए कानून के तहत ग्राहक प्राधिकरण बनाने की बात है, यह कैसे काम करेगा?
उत्तर- आपने सही कहा, इसमें एक सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) के गठन का प्रावधान है। सीसीपीए को अधिकार होगा कि वह किसी मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। साथ ही जिला स्तर पर काम कर रहे उपभोक्ता फोरम का नाम बदलकर उपभोक्ता आयोग किया जाएगा। इसमें फोरम के मुकाबले ज्यादा सदस्य होंगे। इसके अधिकार भी व्यापक होंगे। अभी इस पर काम चल रहा है और विशेषज्ञ जो कुछ बताएंगे, उसे भी इसमें शामिल किया जाएगा। कुछ दिन इंतजार कीजिए, आपको सबकी जानकारी मिल जाएगी।
प्रश्न- उपभोक्ता फोरम में अभी न्याय पाना बड़ा जटिल काम है। क्या इसकी प्रक्रिया में कुछ सुधार होेगा?
उत्तर- बिल्कुल सुधार होगा। हमने पहला काम तो यह किया है कि उपभोक्ता आयोग में वकीलों का कोई काम नहीं है। ग्राहक खुद अपनी बात रखें, इससे उनका खर्चा बचेगा। पहले शिकायत करने केबाद पता ही नहीं चलता था कि उनकी शिकायत स्वीकार की गई है या नहीं। अब प्रावधान किया है कि शिकायत करने के 21 दिन के अंदर यदि ग्राहक को कोई जवाब नहीं मिलता है तो मान लिया जाएगा कि उनकी शिकायत स्वीकार कर ली गई है।
यही नहीं, पहले कंपनियां अनैतिक तरीके से कोर्ट से तारीख पर तारीख ले लेती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ग्राहकों को 90 दिन में न्याय मिल जाएगा और पहले जहां से ग्राहक ने सामान खरीदा था, वहीं के उपभोक्ता फोरम में वाद दायर करना होता था। अब ग्राहक कहीं से भी सामान खरीदा हो, यदि उसमें खराबी है तो उसकी शिकायत घर या काम की जगह के आसपास कर सकता है।
प्रश्न- उपभोक्ता अदालतों का गठन इसलिए किया गया था कि उन्हें त्वरित न्याय मिले। लेकिन यहां भी देरी हो रही है। क्या इसके लिए कुछ नहीं हो सकता है?
उत्तर- बिल्कुल हो सकता है। हम ऐसा कर भी रहे हैं। इस समय उपभोक्ता अदालतों में लाखों मामले लंबित हैं। सिर्फ जिला स्तर पर देखें तो साढ़े तीन लाख से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं। राज्य स्तर पर 1.60 लाख जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 22 हजार मामले लंबित हैं। इसकी प्रमुख वजह पदों का खाली रहना है। इसे अब प्राथमिकता से भरा जा रहा है। साथ ही हम ज्यादा पद भी सृजित करेंगे।
प्रश्न- अक्सर देखा जाता है कि किसी वस्तु या सेवा का प्रचार सेलिब्रिटी करते हैं और सेलिब्रिटी के चक्कर में ग्राहक लुट जाते हैं। ऐसे में क्या होगा?
उत्तर- यदि ऐसी स्थिति आती है तो उस सेलिब्रिटी पर हम जुर्माना लगाएंगे। उन पर कुछ अवधि के लिए प्रचार करने पर भी प्रतिबंध लगाएंगे। अब यदि कोई सेलिब्रिटी ब्रांड का झूठा प्रचार करते तो उन पर 10 लाख रुपये तक जुर्माना और एक साल तक प्रचार करने पर रोक लग सकती है। कोर्ट के मार्फत तो उन पर प्रतिबंध की अवधि 10 साल तक बढ़ सकती है।