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International Women's Day: आठ मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस? जानें इसका इतिहास और इस साल की थीम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 08 Mar 2023 06:31 AM IST

सार

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने और अधिकारों की प्रगति का वार्षिक कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 20वीं सदी में अमेरिकी समाजवादी और श्रमिक आंदोलनों से हुई थी।
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International Womens Day 2023 - फोटो : SOCIAL MEDIA
हर साल की तरह इस साल भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को मनाया जा रहा है। इस बार जहां एक तरफ भारत होली के रंग में रंगा हुआ है तो दूसरी तरफ भारत समेत पूरी दुनिया बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने वाली है। आइये जातने हैं महिला दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है? इसकी शुरुआत कैसे हुई? इस बार इसकी क्या थीम है?  
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International Womens Day 2023 - फोटो : SOCIAL MEDIA
हर साल की तरह इस साल भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को मनाया जा रहा है। इस बार जहां एक तरफ भारत होली के रंग में रंगा हुआ है तो दूसरी तरफ भारत समेत पूरी दुनिया बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने वाली है। आइये जातने हैं महिला दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है? इसकी शुरुआत कैसे हुई? इस बार इसकी क्या थीम है?  

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस - फोटो : Social Media
क्यों मनाया जाता है महिला दिवस 
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने और अधिकारों की प्रगति का वार्षिक कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 20वीं सदी में अमेरिकी समाजवादी और श्रमिक आंदोलनों से हुई थी। उस समय महिलाएं काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए लड़ रही थी। 1911 में महिला दिवस का पहला उत्सव मनाया गया था। इस दौरान ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में दस लाख से भी अधिक लोगों ने महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने के लिए रैलियां निकाली थीं। इसके बाद से महिलाओं के कार्यस्थलों पर समानता से लेकर हिंसा के खिलाफ मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, किसी भी समूह के पास इस कार्यक्रम का स्वामित्व नहीं था। 1977 में संयुक्त राष्ट्र की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी गई। तभी से संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाना शुरू किया। 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल आठ मार्च को मनाया जाता है। साल 1917 में रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग के लिए विरोध प्रदर्शन के साथ किया था। इस विरोध प्रदर्शन की वजह से तत्कालीन रूसी जार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। अंतरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार भी दिया। जिस दिन रूसी महिलाओं ने इस प्रदर्शन की शुरुआत की थी, वह दिन रूसी कैलेंडर के हिसाब से 23 फरवरी (रविवार) था। यदि इस तारिख को ग्रेगॉरियन कैलेंडर के हिसाब से देखा जाए तो वह दिन आठ मार्च का था। तब से इसी दिन को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का नाम दिया गया। 

इस दिवस को प्रदर्शित करने वाले तीन रंग
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को प्रदर्शित करने वाले तीन रंग- सफेद, हरा और बैगनी है। महिला दिवस के कैंपेन के हिसाब से सफेद रंग शुद्धता, हरा रंग उम्मीद और बैगनी रंग न्याय और गरिमा को प्रदर्शित करता है। 

यूएन - फोटो : SOCIAL MEDIA
इस साल की थीम क्या है?
इस साल यूएन की थीम- डिजिट ऑल: इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फॉर जेंडर इक्वीलिटी है। यूएन के अनुसार पुरुषों की तुलना में 259 मिलियन कम महिलाएं इंटरनेट का उपयोग कर पाती हैं। महिलाओं को विज्ञान, गणित, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के करियर में बड़े पैमाने पर कम प्रतिनिधित्व दिया जाता है। ऐसे में महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने के साथ लैंगिग समानता को बढ़ावा देने के लिए इस थीम को चुना गया है। इससे पहले यूएन के थीम के तौर पर जलवायु, परिवर्तन, ग्रामीण महिलाएं और एचआईवी/एड्स शामिल रहे हैं। 

महिला दिवस 2023 - फोटो : Istock
महिला दिवस क्यों है महत्वपूर्ण
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को बराबर का दर्जा प्राप्त करवाना है, जिससे उन्हें किसी भी अधिकार से वंचित न किया जाए। उनके साथ किसी भी क्षेत्र में भेदभाव न किया जाए। इस खास अवसर पर महिलाओं के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए कई कार्यक्रम और कैंपेन भी आयोजित किए जाते हैं। हाल के कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को महिलाओं के साथ ट्रांसजेंडर, नॉन-बाइनरी और जेंडर नॉन-कन्फर्मिंग लोगों के लिए अधिक समावेशी बनाने पर जोर दिया गया है।
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