भारतीय जनता पार्टी की सांसद लॉकेट चटर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हर साल संसद में दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित कराने की मांग की है। शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में चटर्जी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से कई कार्यकर्ता और नागरिक समाज संगठनों की ओर से महिला दिवस पर संसद में महलाओं के मुद्दों को लेकर दो दिवसीय विशेष सत्र कराने की मांग की जा रही है।
अपने पत्र में चटर्जी कहती हैं कि मैं यह पत्र देश की आधी आबादी की ओर से लिख रही हूं। आशा करती हूं कि आप स्वस्थ होंगे। जैसा कि आपको पहले से ही पता होगा कि आने वाले दो हफ्तों में 8 मार्च को देश और पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने वाली है। इसको लेकर ही मैं आपके संज्ञान में देश की बच्चियों और महिलाओं के हित के लिए विशेष सत्र आयोजित करने की मांग रख रही हूं। उन्होंने आगे कहा कि योगिता भयाना अपनी संस्था पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया (PARI) के साथ मिलकर दुष्कर्म पीड़िताओं को मदद करने लिए हमेशा आगे रहती हैं। वह 2012 में हुए निर्भया केस का भी चेहरी थीं।
चटर्जी ने कहा कि संसद में दो दिवसीय विशेष सत्र का उद्देश्य मीडिया और राष्ट्र की राजनीति में महिलओं के सामने आने वाले मुद्दों को उजागर करना है। इसके साथ ही उनमें आत्मविश्वास और आश्वासन प्रदान करना है। यह एक सहायक नीति निर्माण को डिजाइन करके बिना भेदभाव वाले समाज का निर्माण करने के लिए बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि यह महिला संसद दुनिया भर के नीति निर्माताओं के लिए इस मुद्दे पर जागरूकता के लिए ‘ज्योति’ होगी। यदि आपके नेतृत्व में महिलों के लिए दो दिवसीय सत्र का आयोजन किया जाएगा तो यह विश्व के लिए मिसाल कायम करेगा। उन्होंने कहा कि हम कामना करते हैं कि भारत इस तरह की पहल के रूप में इसका नेतृत्व करेगा।