छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में लगातार तीन बार वृद्धि से डाकघर की सावधि जमा योजना एकबार फिर बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को टक्कर देने लगी हैं। लघु बचत योजनाओं के तहत डाकघर में दो साल की सावधि जमा पर 6.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है। यह अधिकांश बैंकों की समान परिपक्वता अवधि वाली जमाओं पर दी जाने वाली दर के बराबर है।
सरकार ने लघु बचत योजनाओं के लिए अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दरें 0.1-0.7 फीसदी तक बढ़ा दी हैं। इससे पहले ब्याज दरें अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 0.1-0.3 फीसदी व जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 0.2-1.1 फीसदी बढ़ाई गई थी। इसके पहले लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 9 तिमाहियों से बदलाव नहीं हुआ था।
6.9% मिल रहा ब्याज
डाकघर की लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर सितंबर, 2022 में 5.5 फीसदी थी। तीन बार बढ़ने के बाद अब 6.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है। एसबीआई एक साल से अधिक व दो साल से कम अवधि की जमा पर 6.8% और दो साल से अधिक व तीन साल से कम की जमा पर 7% ब्याज दे रहा है।
पान मसाला पर खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर देना होगा जीएसटी उपकर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पान मसाला और तंबाकू उत्पाद निर्माताओं पर एक अप्रैल, 2023 से प्रभावी वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) उपकर खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) पर आधारित होगा। पान मसाला एवं तंबाकू उत्पादों पर पहले 28 फीसदी जीएसटी के अलावा उस पर मूल्य के अनुपात में उपकर लगता था। अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, इस कदम से तंबाकू निर्माताओं को अब पान मसाला एवं तंबाकू उत्पादों के कारखाने से बाहर निकलते समय अंतिम खुदरा मूल्य पर उपकर चुकाना होगा। इससे कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी क्योंकि उपकर को कारखाना के स्तर पर ही वसूल लिया जाएगा।
सिगरेट पर सबसे ज्यादा कर
उत्पाद उपकर आरएसपी का
पान मसाला पाउच 0.32 गुना
तंबाकू गुटखा वाले पान मसाले 0.61 गुना
सिगरेट एवं पाइप वाला तंबाकू 0.69 गुना
चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा 0.56 गुना
हुक्का एवं ब्रांडेड कच्चे तंबाकू 0.36 गुना