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खुफिया एजेंसी रॉ ने अपने चार 'बेकार' अधिकारियों को किया बर्खास्त

Mon, 30 Jul 2018 02:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने पिछले एक वर्ष में अपने चार वरिष्ठ अधिकारियों को 'गैर-प्रदर्शन' के लिए बर्खास्त कर दिया है। रॉ ने इन अधिकारियों का काम संतोषजनक नहीं पाया, जिसके बाद इन्हें बर्खास्त कर दिया गया। यह अपने आप में एक दुर्लभ कार्रवाई है, क्योंकि आम तौर पर बमुश्किल ही ऐसा देखने और सुनने को मिलता है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोगी अखबार ईटी के मुताबिक, एजेंसी ने अपने सेवा रिकॉर्ड और वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन की समीक्षा के बाद चारों संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से समय से पूर्व ही सेवानिवृत्ति दे दी।

यह कार्रवाई कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के एक नियम के आधार पर की गई है, जो सरकार को प्रदर्शन न करने वाले वैसे कर्मचारियों से छुटकारा पाने की अनुमति देता है, जो 30 साल की सेवा या 50 वर्ष की आयु पार पूरी कर चुके हों।
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दरअसल, वर्तमान सरकार ये चाहती थी कि हर विभाग में इस नियम को अधिक बलपूर्वक लागू किया जाए। लेकिन कुछ विभागों को छोड़ दें तो यह नियम लगभग शिथिल पड़ चुका है। बता दें कि 11 सितंबर, 2015 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने एक आदेश जारी किया था कि मौलिक अधिकारों के नियम 56 (जे) या सीसीएस (पेंशन) के नियम 48 के तहत अधिकारियों के पूरे सेवा रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद कर्मचारियों की सेवाओं को सार्वजनिक हित में समय-समय पर समाप्त किया जा सकता है।

इन चारों अधिकारियों की समीक्षा अनुच्छेद 56 (जे) के तहत की गई थी, क्योंकि उन्होंने 50 वर्ष की आयु पार कर ली थी। विश्वसनीय सूत्रों ने ईटी को बताया कि इन अधिकारियों को बार-बार प्रोन्नति के लिए अनदेखा किया जा रहा था, जिसके बाद रॉ ने इनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया। 

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