खुफिया एजेंसियों ने भारत सरकार को आगाह किया है कि देश में 26/11 की तरह दोबारा हमला हो सकता है। मुंबई हमले से भारत की तटीय सुरक्षा व्यवस्था की कई खामियां भी उजागर हुई थीं। खुफिया एजेंसियों ने सरकार को चेताया है इस बार आतंकवादी भारत के छोटे बंदरगाहों और द्वीपों पर भी हमला कर सकते हैं।
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक भारत के 180 छोटे बंदरगाह आतंकवादी संगठनों की हिट लिस्ट में हैं और आतंकवादी संगठन खाली पड़े कुठ द्वीपों को भी भारत विरोधी गतिविधियों के लिए ठिकाना बना सकते हैं। एजेंसियों ने कहा,'आतंकवादी अपर्याप्त सुरक्षा का फायदा उठाकर भारत में घुसपैठ कर सकते हैं।'
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने तटीय सुरक्षा मीटिंग पर हाल में कहा था कि भारत सरकार सभी बंदरगाहों की सरक्षा के उपाय के लिए समीक्षा कर रही है। राजनाथ ने समुद्रीय आतंक को भारत के लिए एक बड़ा खतरा बताया था और कहा था इससे अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
सूत्रों ने कहा शीर्ष खुफिया अधिकारियों ने हाल ही में बंदरगाहों से संबंधित सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट दी है। जिसके बाद सरकार ने तटीय सुरक्षा पर स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया। 2008 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने समुद्र मार्ग से मुंबई में घुसकर 160 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया था और इस हमले में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
खुफिया एजेंसियों ने सरकार को आगाह किया है कि आतंकवादी हमले के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, और तमिलनाडु सहित केरला के तट का इस्तेमाल कर सकते हैं। अलर्ट में कहा गया है 30 द्वीपों की सुरक्षा को तोड़ा जा सकता है। कहा गया है भारत के पांच द्वीप जो गुजरात, महारष्ट्र, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप सहित वेस्ट बंगाल में हैं उनपर आतंक का खतरा मंडरा रहा है।
सीनियर अधिकारी ने कहा आतंकवादी सुमुद्र जहाजो का छुपने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। मार्च में तटीय सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट भी जारी किया गया था।
Published by MD AKRAM