नौसेना के अधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान जहाज ने तूफानों, ऊंची लहरों, तेज हवाओं और खराब मौसम का सामना किया, लेकिन यह दो महिला अधिकारी समेत छह अधिकारियों के उसके चालक दल के उत्साह, धैर्य और दृढ़ संकल्प को हिला नहीं सका।
नवंबर 2022 में गोवा से शुरू हुए छह महीने लंबे अंतरमहाद्वीपीय अभियान के बाद भारतीय नौसैनिक पोत तारिणी अब भारत लौट रहा है। इसकी जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी।
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इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी देते हुए नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तारिणी ने नंवबर 2022 में गोवा से अपनी यात्रा शुरू की थी। इस अभियान के दौरान वह ‘केप टू रियो रेस 2023’ में भाग लेते हुए दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन से होते हुए ब्राजील के रियो डी जेनेरियो तक पहुंची और वह फिर से भारतीय तट पर पहुंचने के साथ ही 17,000 समुद्री मील की दूरी तय कर लेगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का नौकायन जहाज तारिणी छह महीने लंबे पार-महासागरीय अंतरमहाद्वीपीय अभियान के बाद भारत लौट रहा है। इसने 17 नवंबर 2022 को गोवा में अपनी यात्रा शुरू की थी और 24 मई को उसी स्थान पर यात्रा पूरी होने की संभावना है।
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आगे नौसेना के अधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान जहाज ने तूफानों, ऊंची लहरों, तेज हवाओं और खराब मौसम का सामना किया, लेकिन यह दो महिला अधिकारी समेत छह अधिकारियों के उसके चालक दल के उत्साह, धैर्य और दृढ़ संकल्प को हिला नहीं सका।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इस नौकायन दौड़ के 50वें संस्करण को दो जनवरी को केप टाउन से हरी झंडी दिखाई गई थी। आईएनएसवी तारिणी को 2017 में ‘नाविका सागर परिक्रमा’ नामक ऐतिहासिक अभियान में पूरी महिला अधिकारी दल के साथ दुनिया भर में भ्रमण करने के लिए जाना जाता है।
आईएनएस मगर 36 साल की सेवा के बाद सेवामुक्त हुआ
भारतीय नौसेना का सबसे पुराना ‘लैंडिंग पोत’ आईएनएस मगर 36 साल तक देश की सेवा करने के बाद शनिवार को सेवामुक्त हो गया। कमांडर हेमंत वी सालुंखे की कमान में पोत को यहां नौसैन्य प्रतिष्ठान में सूर्यास्त के समय आयोजित समारोह में सेवामुक्त कर दिया गया।