साकेत गोखले को अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने 30 दिसंबर 2022 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 467 (जालसाजी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता साकेत गोखले को अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने शनिवार को नियमित जमानत दे दी। वे क्राउड फंडिंग में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपों का सामना कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन पर चंदे के रूप में जुटाई गई 1.07 करोड़ रुपये की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
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साकेत गोखले को अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने 30 दिसंबर 2022 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 467 (जालसाजी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
ईडी के अनुसार, गोखले ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अवरडेमोक्रेसी डॉट इन और रेजरपे पर चलाए गए अभियान के जरिए लोगों से पैसा जुटाया था। उन्होंने इस राशि का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया। विशेष अदालत ने फरवरी में लंबित जांच के आधार पर गोखले की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
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हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने गोखले को उस मामले में नियमित जमानत दे दी थी, जिसमें उन्हें पुल टूटने की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोरबी यात्रा पर हुए खर्च के बारे में फर्जी खबर फैलाने के आरोप में पिछले साल दिसंबर में अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था।