पहले मध्यप्रदेश के भोपाल में ट्रेन में आतंकी हमला हुआ, बाद में उत्तरप्रदेश के लखनऊ में। आतंकी हमले के IS कनेक्शन पर दोनों राज्यों के बयान अलग अलग हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने जहां हमले के पीछे आईएस से जुड़े आतंकवादियों का हाथ मान लिया है, वहीं यूपी प्रशासन अभी तक ये बात मानने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि इन तीनों ने ही एमपी पुलिस को कानपुर व लखनऊ के बारे में इनपुट दिया था। इसके बाद ही लखनऊ के ठाकुरगंज में एक एनकाउंटर में सैफुल्ला मारा गया। इस दौरान कानपुर में भी दो संदिग्ध गिरफ्तार किए गए।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने माना, IS ने कराया बम बलास्ट
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने आईएसआईएस से प्रेरणा लेकर बम ब्लास्ट किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि तीनों आरोपी पुष्पक एक्सप्रेस से सुबह 7.30 बजे लखनऊ से भोपाल पहुंचे। उन्होंने भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में बम रखा। पाइप बम और टाइमर के जरिए ट्रेन की बोगी में विस्फोट किया गया जिसमें दस यात्री घायल हो गए। घटना के बाद राज्य पुलिस, आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) तथा खुफिया तंत्र तत्काल सक्रिय हुआ और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से प्राप्त सूचना के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की गई। इस बीच सूचनाओं के आधार पर होशंगाबाद जिले के पिपरिया से तीनों आरोपियों को गिरफ्त में लिया गया।
लखनऊ पुलिस का आतंकियों का IS से संबंध होने से इनकार !
लखनऊ एडीजी
घटना का वीडियो सीरिया भेजा
चौहान ने बताया कि आरोपियों ने घटनास्थल के फोटो अपने हैंडलर को सोशल मीडिया के जरिए सीरिया भी अपलोड किए। ट्रेन में ऊपर की बर्थ पर बम रखा गया था। अगर यह नीचे कहीं रखा गया होता तो नुकसान ज्यादा होता। आरोपियों ने इसी पाइप बम का विजुअल सीरिया भेजा। इस पर लिखा था- आईएस हम भारत में हैं। इससे साबित होता है कि इनका संबंध आतंकी संगठन आईएस से है। ये आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद भोपाल से पिपरिया और इलाहाबाद होते हुए वापस लखनऊ जाना चाहते थे।
लखनऊ के एडीजी का बयान भी जान लीजिए
लखनऊ में मंगलवार को आतंकी मुठभेड़ के संबंध में एडीजी एलओ दलजीत चौधरी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्ला के आईएसआईएस से डायरेक्ट जुड़े होने के सुबूत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि युवा सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठनों से जुड रहा है।
चौधरी ने बताया, पुलिस को इस मामले में देर रात सफलता मिली। मकान से विस्फोट, कई कारतूस, आठ पिस्टल, बम बनाने की सामग्री मिली है। इसके अलावा छह मोबाइल, चार सिम और 45 ग्राम सोने के साथ विदेशी मुद्रा भी मिली है।
उन्होंने बताया, आतंकी बम बनाने की तकनीकी के बारे में अध्ययन कर रहे थे। उन लोगों ने कम तीव्रता का बम लगाने की कोशिश भी की थी। दलजीत चौधरी ने बताया कि फखरे आलम और फैजल खां को भी गिरफ्तार किया गया है। लखनऊ एटीएस थाने में सभी के खिलाफ केस दर्ज है। बताया कि कानपुर से लैपटॉप भी बरामद किए हैं।