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उत्तराखंड में भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की कमी नहीं

Wed, 08 Mar 2017 06:38 PM IST
शशिधर पाठक/नई दिल्ली
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तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिट.) भुवन चंद्र खंडूरी के  करीबी हैं। संघ के सूत्र बताते हैं कि राज्य में सरकार बनने की स्थिति आई तो वह कमान संभाल सकते हैं। विद्यार्थी परिषद से भाजपा अध्यक्ष पद तक पहुंचे रावत संगठन पर भी पकड़ रखते हैं।
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दूसरा नाम अनिल बलूनी का है। यह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी बताए जाते हैं। बलूनी को भी इस पद के दावेदारों में गिना जा रहा है। राज्य में भाजपा को बहुमत में लाने के लिए अनिल बलूनी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसके अलावा भी भाजपा के पास तमाम छत्रप हैं।

सतपाल महाराज के उत्तराखंड में अनुयाईयों की कमी नहीं है। भगत सिंह कोश्यारी पार्टी के जमीनी नेता है और क्षेत्र में खासी पकड़ रखते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी की अपनी अलग छवि है। केन्द्रीय नेतृत्व के साथ खंडूरी का रिश्ता भी ठीक है।
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इन नामों की भी है चर्चा

​पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उत्तराखंड में काफी कैंप कर रहे हैं। कांग्रेस से भाजपा में गए विजय बहुगुणा के बारे में आम है कि वह सत्ता के साथ तालमेल बनाना जानते हैं। इसी खूबी के चलते विजय बहुगुणा आसानी से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बन गए थे और हरीश रावत देखते रह गए थे।

बहुगुणा के करीबी बताते हैं कि उन्हें सम्मानजनक स्थिति देने का शीर्ष नेतृत्व ने वादा किया था। विजय बहुगुणा के साथ-साथ हरक सिंह रावत भी राज्य की राजनीति में खासी पैठ रखते हैं। हरक सिंह रावत की भी अपनी महत्वाकांक्षा है। माना जा रहा है कि सभी नेता अपने खेमे के अधिक से अधिक प्रत्याशियों को टिकट दिलाने के लिए भरपूर कोशिश कर रहे हैं।

कुशलता से निबटेंगे शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बनने का पूरा भरोसा है। संघ के सूत्र बताते हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी के बाद से संगठन स्तर पर काफी काम हुआ है। इसका नतीजा भी आना तय है।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि राज्य में प्रत्याशियों का चयन बहुत आसान नहीं है, लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व इससे निबट लेगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की पहली कोशिश किसी भी तरह से आंतरिक घमासान को रोकना है। इसके लिए प्रत्याशियों के चयन से लेकर हर स्तर पर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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