सातवें वेतन आयोग और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के 1 जुलाई से लागू होने के बाद जीएसटी और सातवें वेतन आयोग ने महंगाई को अस्थिर कर दिया है। इससे अस्थायी तौर पर चीजों की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी जरूर होगी। एचएसबीसी की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी और नया मकान किराया भत्ता (एचआरए) दोनों एक जुलाई से लागू हो चुके हैं। वेतन आयोग भत्तों की वजह से शुरुआत में महंगाई जरूर कुछ बढ़ेगी। हालांकि, रिजर्व बैंक द्वारा अगस्त की क्रेडिट पॉलिसी में रेपो दर में 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि केंद्र एचआरए में बढ़त को लागू करता है तो इससे एक साल के लिए महंगाई में 0.65 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यदि राज्य भी ऐसा ही करने का फैसला करते हैं तो मुद्रास्फीति 0.65 फीसदी और बढ़ेगी। कुल मिलाकर इससे देश में महंगाई बढ़ने वाली है।