केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के मामले समेत बैंक धोखाधड़ी के 10 बड़े मामलों की सीबीआई जांच की निगरानी कर रही है। उसने कहा कि अगर बैंकरों को लगता है कि उनके फैसले प्रमाणिक है तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
सतर्कता आयुक्त टी एम भसीन ने कहा कि बैंकरों को डिफॉल्टरों से रुपये वसूल करने के लिए ‘साहस दिखाने’ की जरूरत है। सीबीआई निजी कंपनियों और कारोबारियों के करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच कर रही है जिसके चलते सीवीसी की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ‘सीवीसी कर्मचारियों की जवाबदेही के आयामों की जांच कर रहा है और बैंक धोखाधड़ी के 10 बड़े मामलों तथा ऐसे ही अन्य मामलों की सीबीआई जांच की निगरानी कर रहा है।’