कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत-अमेरिका विज्ञान व तकनीकी फोरम (आईयूएसएसटीएफ) ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को साथ मिलकर काम करने की अपील की है। फोरम ने मौजूदा आधारभूत संरचना व कोष का लाभ उठाकर संयुक्त शोध के लिए कहा है।
फोरम ने प्रस्तावित ‘इंडो-यूएस वर्चुअल नेटवर्क’ के लिए 15 मई तक आवेदन मांगे हैं। मार्च 2000 में भारत व अमेरिकी सरकार के बीच हुए करार के तहत इसकी स्थापना हुई थी। विज्ञान व तकनीकी मंत्रालय ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिलकर नए टीके के विकास, उपकरण और जांच उपकरण व सूचना प्रणाली के साथ रणनीति बनाने व राष्ट्रों द्वारा संसाधनों के प्रबंध मेें अहम भूमिका निभाएंगे।
दोनों देशों के वैज्ञानिकों के अनुसंधान से जल्द समाधान की उम्मीद की जा सकेगी। आईयूएसएसटीएफ के पास प्रासंगिक तकनीकों को विकसित करने का इतिहास व अच्छा अनुभव रहा है, इसलिए यह अच्छा प्लेटफार्म है। -प्रो.आशुतोष शर्मा, सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग