ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनी ने कहा कि ए-200 ड्रोन को जनवरी, 2022 में अधिसूचित किया गया था। यह मानव रहित विमान प्रणालियों के लिए प्रमाणन योजना के अनुरूप पाया गया।
एस्टेरिया एयरोस्पेस लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए ए-200 ड्रोन को भारत का पहला सूक्ष्म श्रेणी (माइक्रो कैटेगरी) का प्रमाणपत्र मिला है। डीजीसीए ड्रोन को उसेके वजन के आधार पर वर्गीकृत करता है। 250 ग्राम से दो किलोग्राम वजन वाले ड्रोन सूक्ष्म श्रेणी के ड्रोन के अंतर्गत आते हैं।
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ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनी ने कहा कि ए-200 ड्रोन को जनवरी, 2022 में अधिसूचित किया गया था। यह मानव रहित विमान प्रणालियों के लिए प्रमाणन योजना के अनुरूप पाया गया। इसे जीआईएस, कृषि, निर्माण, खनन और अन्य उद्योगों के सर्वेक्षण और मानचित्रण के लिए विकसित किया गया है।
40 मिनट तक उड़ने की क्षमता
कंपनी के अनुसार, ड्रोन ए-200 मजबूत, विश्वसनीय और प्रदर्शन संचालित मल्टीरोटर है। इसका वजन दो किलोग्राम से कम है। यह 40 मिनट तक उड़ सकता है। इसमें स्वचालित टेक-ऑफ और लैंडिंग की सुविधा है। इसके अलावा, मल्टीपल फेल-सेफ, सिंगल पायलट ऑपरेशन, टूल-लेस असेंबली और डिस्सेप्लर सहित कई सुविधाएं हैं।