भारत को इस साल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी जगह नहीं मिल सकेगी। सदस्यों देशों ने इस मुद्दे को अगले वर्ष के लिए टाल दिया है। काउंसिल के इस फैसले के बाद भारत ने ब्राजील, जापान और जर्मनी के साथ एक संयुक्त बयान में यूएन सुरक्षा परिषद के 70वें स्थापना दिवस पर भारत की सदस्यता को लेकर किसी नतीजे पर न पहुंच पाने को लेकर हताशा जताई है।
गौरतलब है कि चार देशों (जी4) ने मिलकर एक दूसरे की स्थायी सदस्यता को मजबूत करने का प्रण लिया है। संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देशों ने मिलकर जनरल एसेंबली को बनाया है। हाल ही में सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों की स्थायी सदस्यता पर हुई बैठक बेनतीजा रही है।
इन सदस्यों में ब्रिटेन, फ्रांस, यूएस,चीन और रूस जैसे देशों के पास वीटो पावर है। इससे पूर्व पिछले माह ही 48 सदस्यीय एनएसजी में भी भारत सदस्यता हासिल करने में विफल रहा था। सुरक्षा परिषद में भारत स्थायी सदस्यता चाहता है ताकि वह दुनिया को अपनी आर्थिक शक्तियों को दिखाने के साथ दक्षिण एशिया में ताकत के रूप में उभर सके।